इंदौर जिले में एक खौफनाक मज़ाक ज़िंदगी का अंतिम अध्याय लिख गया। जगन्नाथ दाल मिल में कार्यरत श्रमिक मोतीराम जामरे (उम्र 28) को उसके ही सहकर्मियों ने हैवानियत की हद पार करते हुए कम्प्रेसर से उसके शरीर में जबरन हवा भर दी। हवा का दवाब इतना प्रचंड था कि उसकी नसें, अंतड़ियां और आंतरिक अंग क्षत-विक्षत हो गए। मोतीराम के प्राइवेट हिस्से से रक्तस्राव आरंभ हो गया। किसी ने उसे एमवाय अस्पताल पहुंचाया, पर वहां दाखिल कराए बिना उसे छोड़कर चुपचाप खिसक गया। इस बर्बर हरकत ने मोतीराम की ज़िंदगी लील ली।
मोतीराम, जो मूलतः खरगोन का निवासी था और फिलहाल पालदा में रह रहा था, हाल ही में इंदौर आया था। पुलिस के मुताबिक, मिल में कार्यरत धीरज और महेन्द्र कम्प्रेसर की सहायता से अनाज की धूल साफ कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अत्यधिक दवाब वाली हवा मोतीराम के शरीर की ओर छोड़ दी। यह करतूत उनकी मस्ती का हिस्सा थी, लेकिन इस ‘मज़ाक’ ने किसी का घर उजाड़ दिया। दोनों आरोपियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
रक्तस्राव से जूझता मोतीराम, कैमरे से दूर मौत की पटकथा
रविवार की सुबह यह दिल दहला देने वाला वाकया उस वक्त घटित हुआ, जब मोतीराम फैक्ट्री परिसर में था। एसीपी हिमांशु कार्तिकेय के अनुसार, हादसे के बाद मोतीराम के निजी अंग से खून बहने लगा और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की पूछताछ के दौरान साथ आया व्यक्ति फोन पर बात करते हुए वहां से चुपचाप फरार हो गया। चूंकि घटनास्थल और सीसीटीवी कैमरे के बीच ग्रीन नेट लगा था, इसलिए पूरी वारदात कैमरे में कैद नहीं हो सकी।
‘एक घंटे में लौटूंगा’ – भाई से आखिरी संवाद
मोतीराम के भाई शेरू ने बताया कि सुबह 6:45 बजे उसकी उससे बात हुई थी। मोतीराम ने कहा था कि वह एक घंटे में घर लौट आएगा। लेकिन ठीक एक घंटे बाद उन्हें सूचना मिली कि उसका ‘एक्सीडेंट’ हो गया है। जब वह अस्पताल पहुंचे, तब तक उसका मृत शरीर उनके इंतजार में पड़ा था।
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