मथुरा में विवादास्पद कार्यक्रम का उद्घाटन
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 22 मार्च को एक कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। इस कार्यक्रम में शराब और हुक्का पार्टी का आयोजन किया गया, जिससे भक्तों में भारी आक्रोश फैल गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है। आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
वायरल वीडियो में कुछ लोग शराब पीते और हुक्का पीते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद बृजवासियों ने यह आरोप लगाया कि यह आयोजन बाबा बागेश्वर के नाम पर किया गया था, ताकि उनका नाम खराब किया जा सके। भक्तों का कहना है कि यह एक साजिश है, जिसमें कुछ अराजक तत्व बाबा बागेश्वर को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

आयोजकों की परमिशन और साजिश के आरोप
आयोजकों ने शराब और हुक्का पार्टी के आयोजन के लिए आबकारी विभाग से परमिशन ली थी, और सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम के पंपलेट्स भी वायरल हो रहे थे, जिनमें शराब और हुक्का पार्टी के पैकेज दिए गए थे। इसके बावजूद, सवाल उठता है कि आखिर क्यों इस कार्यक्रम का उद्घाटन बाबा बागेश्वर से कराया गया, अगर आयोजकों के पास पहले से ही अनुमति थी। क्या यह एक साजिश थी, या आयोजकों ने जानबूझकर बाबा बागेश्वर को इस विवाद में फंसाया?
ब्रज के मठाधीशों का प्रतिक्रिया
इस मामले पर ब्रज के बड़े मठाधीशों ने कैमरे के सामने बोलने से इंकार कर दिया, लेकिन कुछ समर्थकों ने अपनी बात रखी। दिनेश शर्मा फलाहारी ने कहा कि बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक दिव्य संत हैं और उनका उद्देश्य कभी सनातन धर्म को हानि पहुँचाना नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यह साजिश उन अराजक तत्वों द्वारा रची गई है जो बाबा को बदनाम करना चाहते हैं।
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और आयोजन स्थल
यह कार्यक्रम थाना जैंत क्षेत्र के विवेक हेरिटेज में आयोजित किया गया था, जिसे लायंस क्लब ऑफ स्टार्स द्वारा आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सागर वाली कब्बाली का भी आयोजन हुआ था, और शुरुआत में बाबा बागेश्वर ने मांस और मदिरा से ब्रजवासियों को मुक्ति दिलाने के लिए एक बड़े पदयात्रा का ऐलान भी किया था।
कड़ी कार्रवाई की मांग
अब इस पूरे विवाद के बाद भक्तों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आयोजकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यह मामला न केवल मथुरा बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है और इसकी सच्चाई सामने आने का इंतजार है।
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