रिपोर्ट: मूलचंद खींची
नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रामपुरा कस्बे में 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना ने जनाक्रोश को जन्म दिया है। इस मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी का रिमांड नहीं लिए जाने से नाराजगी और बढ़ गई, जिसके चलते सोमवार को सर्वसमाज के आह्वान पर रामपुरा नगर पूरी तरह बंद रहा। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम पवन बारिया को ज्ञापन सौंपा। पीड़िता के समाजजनों ने आरोप लगाया कि यह सामूहिक दुष्कर्म का मामला है, लेकिन पुलिस ने केवल एक आरोपी को गिरफ्तार कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली और जांच में लापरवाही बरती।

19 मार्च को हुई वारदात
बीते 19 मार्च 2025 को पीड़िता नाबालिग बालिका अपने परिजनों के साथ रामपुरा थाने पहुंची और दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि बालिका मंदबुद्धि है, जिस कारण वह अपनी बात स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पा रही है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 20 मार्च को मधुसूदन उर्फ लखन (पिता लक्ष्मीनारायण प्रजापत, उम्र 31 वर्ष) को गिरफ्तार किया और अगले ही दिन, 21 मार्च को उसे जेल भेज दिया। हालांकि, पुलिस ने अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहन जांच नहीं की और न ही गिरफ्तार आरोपी का रिमांड लिया। इस ढीले रवैये से स्थानीय लोगों में गुस्सा भड़क उठा। सोमवार को हजारों लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरे, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
सर्वसमाज का प्रदर्शन
रामपुरा में बंद के दौरान बाजार बंद रहे और प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को अपनी नाराजगी से अवगत कराया। पीड़िता के समर्थन में सर्वसमाज ने एकजुटता दिखाई और जांच में पारदर्शिता की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और अन्य आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
आरोपी पक्ष का दावा
दूसरी ओर, इस घटना के दो दिन पहले आरोपी मधुसूदन के पक्ष में प्रजापति समाज ने भी ज्ञापन सौंपा था। उनका दावा है कि मधुसूदन निर्दोष है और उसे झूठे आरोप में फंसाया गया है। इस ज्ञापन के बाद सेन समाज में आक्रोश और बढ़ गया, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया।
पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए
विवाद बढ़ता देख नीमच के पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए अजाक्स थाना प्रभारी शबीब मेव को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसपी ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी।
रामपुरा में यह घटना और उसके बाद का जनाक्रोश प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। लोग मांग कर रहे हैं कि पीड़िता को न्याय मिले और सभी दोषियों को सजा दी जाए। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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