नमस्ते दोस्तों! भारत ने अपनी नौसेना की ताकत को एक और कदम आगे बढ़ाते हुए 22 मार्च 2025 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में स्टील्थ फ्रिगेट ‘तवस्य’ को लॉन्च किया। रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने इस मौके पर शिरकत की और देश के आत्मनिर्भर डिफेंस मिशन को सलाम ठोका। ये पल भारत के जहाज़ बनाने की काबिलियत का बिगुल है, जो पूरी दुनिया को हमारी ताकत दिखा रहा है।
प्रोजेक्ट 1135.6 सीरीज का कमाल
‘तवस्य’ प्रोजेक्ट 1135.6 का दूसरा सितारा है, जिसे तलवार-क्लास फ्रिगेट भी कहते हैं। ये सीरीज भारत और रूस की दोस्ती का नतीजा है, जो मूल रूप से क्रिवाक III-क्लास डिज़ाइन से शुरू हुई थी। पहले जहाज़ रूस में बने, लेकिन अब ये देसी मिट्टी में तैयार हो रहे हैं। ये भारत के डिफेंस में आत्मनिर्भरता की मिसाल है।
‘तवस्य’ की खासियतें
ये फ्रिगेट कोई मामूली जहाज़ नहीं है! इसकी लंबाई 124.8 मीटर, चौड़ाई 15.2 मीटर और पानी में डूबने की गहराई 4.5 मीटर है। वजन करीब 3,600 टन और स्पीड? 28 नॉट्स तक! इसमें गैस टर्बाइन का शानदार सिस्टम है, जो इसे तेज़ और चालाक बनाता है।

स्टील्थ और लड़ाई का दम
‘तवस्य’ में रडार को चकमा देने वाली खास सामग्री लगी है, जिससे इसका रडार क्रॉस-सेक्शन कम हो जाता है। यानी दुश्मन की नज़रों से बचने में माहिर! इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल, श्तिल-1 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल और 100 एमएम की A-190 नेवल गन जैसी ताकत है। साथ ही, पनडुब्बियों को सबक सिखाने के लिए टॉरपीडो ट्यूब्स और रॉकेट लॉन्चर भी हैं।
देसी तकनीक का जलवा
‘तवस्य’ का बनना दिखाता है कि भारत अब डिफेंस टेक्नोलॉजी में कितना आगे बढ़ गया है। ब्रह्मोस मिसाइल और सोनार सिस्टम को जोड़ने में हमारी मास्टरी झलकती है। ये सब आत्मनिर्भर भारत के सपने को सच करने की राह है।
आने वाले दिनों का असर
‘तवस्य’ और इसकी बहन ‘त्रिपुट’ (जो जुलाई 2024 में लॉन्च हुई) के साथ भारतीय नौसेना अब और मज़बूत हो रही है। ये फ्रिगेट्स हर तरह की जंग के लिए तैयार हैं और समुद्र में हमारी ताकत को नई ऊंचाई देंगे।
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