उत्तर प्रदेश: कानून-व्यवस्था को लेकर आजाद समाज पार्टी ने लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में राजभवन घेराव के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता एकत्रित हुए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हजरतगंज क्षेत्र में बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोके जाने पर वे सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।
स्वदेश न्यूज से बातचीत में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविन्द्र भाटी ने मांग की कि जिन जिलों में घटनाएं हुई हैं, वहां के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। अन्यथा, राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी रणनीति बनाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी आजाद समाज पार्टी ने विभिन्न मुद्दों पर लखनऊ में प्रदर्शन किए हैं। उदाहरण के लिए, सितंबर 2020 में निजीकरण और खराब कानून-व्यवस्था के विरोध में हजरतगंज में प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर इको गार्डेन भेज दिया था。
इसके अलावा, हाल ही में मथुरा में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले के विरोध में अलीगढ़ में भी आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष पर हुए हमले की कड़ी निंदा की थी。
इन प्रदर्शनों से स्पष्ट है कि आजाद समाज पार्टी प्रदेश की कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सक्रिय रूप से आवाज उठा रही है और आवश्यक कार्रवाई की मांग कर रही है।
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