राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता
अमेरिका की ट्रंप सरकार चीनी एआई चैटबॉट DeepSeek को सरकारी डिवाइसेज़ पर बैन करने की योजना बना रही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए लिया जा सकता है।
डाटा सुरक्षा को लेकर सवाल
सरकारी अधिकारियों को इस बात की चिंता है कि DeepSeek किस तरह से यूज़र्स के डाटा को संभालता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऐप यूज़र्स का डाटा चीन में स्थित अपने सर्वर पर स्टोर करता है, जिससे अमेरिका को डाटा प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर संदेह है।

ऐप स्टोर्स से हटाने की योजना
बैन का दायरा सिर्फ सरकारी डिवाइसेज़ तक ही सीमित नहीं रहेगा। खबरों के मुताबिक, प्रशासन इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से हटाने पर भी विचार कर रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स पर भी कुछ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं ताकि वे DeepSeek के एआई मॉडल्स को अपने ग्राहकों को उपलब्ध न करा सकें।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रतिबंध
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई हो। इससे पहले भी TikTok और Huawei जैसी कंपनियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर अमेरिका में प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है।
क्या होगा आगे?
अगर प्रतिबंध लागू हो जाता है, तो DeepSeek को अमेरिका में भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। साथ ही, यह चीन और अमेरिका के बीच पहले से तनावपूर्ण टेक्नोलॉजी युद्ध को और बढ़ा सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस फैसले पर आगे क्या कदम उठाता है और इसका चीन-अमेरिका संबंधों पर क्या असर पड़ता है।
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