ग्वालियर: मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी आदर्श गौशाला में गुरुवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना ग्वालियर के लाल टिपारा इलाके में स्थित गौशाला में हुई। आग आयोजन स्थल के मंडप परिसर में लगी, जहां उस समय होली की तैयारियों को लेकर बैठक चल रही थी। अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से पराली से बने सोफे में आग लग गई, और देखते ही देखते आग ने तेजी से फैलना शुरू कर दिया।

फायर ब्रिगेड ने काबू पाया आग पर
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, गौशाला शहर से दूर स्थित होने की वजह से फायर ब्रिगेड को वहां पहुंचने में थोड़ा वक्त लगा। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह घटना बड़े हादसे का रूप ले सकती थी, क्योंकि इस गौशाला में करीब 8 हजार से ज्यादा गौवंश रहते हैं।
बैठक के दौरान हुआ हादसा
गौशाला की देखरेख कर रही कृष्णायन गौ सेवा समिति के संरक्षक ऋषभ देव आनंद महाराज ने बताया कि बैठक के दौरान ही आग लग गई थी। उन्होंने कहा, “आग लगते ही हमने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी। हालांकि, इस घटना से यह साफ हो गया कि गौशाला में आग बुझाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। नगर निगम को यहां एक फायर ब्रिगेड की टीम तैनात करनी चाहिए, क्योंकि यहां गौवंशों की बड़ी संख्या है।”
बायो सीएनजी प्लांट के पास हुआ हादसा
इस गौशाला में एक बायो सीएनजी प्लांट भी स्थापित है, जो इस घटना को और भी गंभीर बनाता है। ऋषभ देव आनंद महाराज ने कहा कि इस घटना के बाद यहां मॉक ड्रिल और आग बुझाने के बेहतर इंतजाम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “यह घटना हमारे लिए एक चेतावनी है। हमें भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए बेहतर तैयारी करनी होगी।”
गौशाला की खासियत
ग्वालियर की यह आदर्श गौशाला मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी गौशालाओं में से एक है। यहां हजारों गौवंशों की सेवा की जाती है। गौशाला में बायो सीएनजी प्लांट भी स्थापित है, जो इसे और भी खास बनाता है। हालांकि, इस तरह की घटनाएं सुरक्षा के मामले में सुधार की जरूरत को उजागर करती हैं।




