लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने पार्टी में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार को नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया और इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को सहारनपुर के रणधीर बेनीवाल को सौंप दिया है।
दो दिन में दूसरा बदलाव
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को हटाकर यह पद आनंद कुमार को दिया था, लेकिन अब आनंद कुमार ने बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर बने रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद यह बदलाव किया गया।
रणधीर बेनीवाल को मिली अहम जिम्मेदारी
मायावती ने घोषणा की कि रणधीर बेनीवाल और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम अब पार्टी के विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बदलाव को आगामी लोकसभा चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
सहारनपुर के जमीनी नेता, जाट समुदाय से आते हैं बेनीवाल
रणधीर बेनीवाल उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं और जाट समुदाय से आते हैं। वह लंबे समय से बसपा से जुड़े हुए हैं और पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
पश्चिमी यूपी और हरियाणा में जाट वोट साधने की कोशिश
रणधीर बेनीवाल ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पार्टी के इस फैसले को जाट वोट बैंक को साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में जाट समुदाय का बड़ा प्रभाव है।
बसपा की नई रणनीति
मायावती के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि बसपा अब संगठन को मजबूत करने और जातीय समीकरणों को साधने में जुटी हुई है। यह बदलाव 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।





