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France में महंगाई और शिक्षा फंडिंग के खिलाफ प्रदर्शन तेज, 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात; हैलोवीन पर हिंसा का अलर्ट

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France : फ्रांस में बढ़ती महंगाई और शिक्षण संस्थानों को मिलने वाली फंडिंग के मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। लगातार तीसरे सप्ताहांत पर प्रदर्शन होने की आशंका को देखते हुए सरकार ने देशभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। हिंसा और सार्वजनिक स्थानों पर अशांति की आशंका के मद्देनजर करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। हैलोवीन के मौके पर सुरक्षा एजेंसियां विशेष रूप से सतर्क हैं, क्योंकि अधिकारियों को आशंका है कि रात के समय हालात बिगड़ सकते हैं।

फ्रांस में छात्रों और युवाओं के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन अब कई शहरों तक फैल चुका है। महंगाई, शिक्षा व्यवस्था के लिए बजट और आम लोगों के जीवनयापन से जुड़ी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। सरकार ने प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई इलाकों में मार्च के रास्ते और आवाजाही से जुड़े नियम भी तय किए हैं।

France : पेरिस में प्रदर्शनकारियों के मार्च का रास्ता बदला

फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रस्तावित विरोध मार्च को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मार्ग में बदलाव किया है। पुलिस ने यूनियनों और ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को शहर के मध्य हिस्से से मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी है। इसके बजाय प्रदर्शनकारियों के लिए पोर्ट डी बैग्नोलेट से पोर्ट डी चैरेंटन तक एक निर्धारित मार्ग तय किया गया है।

गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हैलोवीन के दौरान हिंसा और अव्यवस्था की आशंका जताई है। उन्होंने विशेष रूप से शाम ढलने के बाद हालात बिगड़ने की चेतावनी दी है। प्रशासन का मानना है कि त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही और प्रदर्शनों के एक साथ होने से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

प्रदर्शन आयोजित करने वाले यूनियनों और छात्र संगठनों ने मार्च पर लगाई गई पाबंदियों को अदालत में चुनौती दी थी। हालांकि, उन्हें इस मामले में राहत नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन ने तय किए गए मार्ग और सुरक्षा नियमों के तहत ही प्रदर्शन की अनुमति दी है।

France : संवेदनशील इलाकों में रात के समय आवाजाही पर रोक

पेरिस पुलिस ने शहर के कुछ संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें प्लेस डे ला रिपब्लिक और लेस हालेस जैसे इलाके शामिल हैं। इन जगहों पर पहले भी हिंसा, दंगा और लूटपाट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खास तौर पर 17 अक्टूबर को हुई घटनाओं के बाद पुलिस इन क्षेत्रों को लेकर अधिक सतर्क है।

प्रशासन की ओर से इन दोनों स्थानों पर शनिवार और रविवार की रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व हिंसा या तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस की तैनाती बढ़ाने के साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी भी मजबूत की गई है।

France : जर्मनी के 30 शहरों में प्रदर्शन का आह्वान

फ्रांस में जारी विरोध की हलचल अब यूरोप के दूसरे देशों में भी दिखाई दे रही है। जर्मनी में युवा संगठन ‘जेन जेड रेगेल्ट’ ने करीब 30 शहरों में प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया है। इन प्रदर्शनों के जरिए युवा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, जलवायु संरक्षण और आम लोगों के लिए जीवनयापन को किफायती बनाने जैसे मुद्दे उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में ब्रैंडेनबर्ग गेट पर करीब 10 हजार लोगों के जुटने का अनुमान जताया गया है। युवाओं के नेतृत्व में होने वाले इन प्रदर्शनों में सरकार की नीतियों और आम नागरिकों से जुड़े आर्थिक मुद्दों पर आवाज उठाई जाएगी। यूरोप के कई हिस्सों में युवाओं के बीच बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति को लेकर असंतोष देखने को मिल रहा है।

France : बार्सिलोना में भी सुरक्षा बढ़ाई गई, पिछले सप्ताह 130 गिरफ्तार

स्पेन के बार्सिलोना में भी विरोध-प्रदर्शनों और संभावित हिंसा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। पिछले सप्ताह शहर में हुए दंगों के बाद करीब 130 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन घटनाओं के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन इस बार किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रहा है।

फ्रांस, जर्मनी और स्पेन में विरोध-प्रदर्शनों की गतिविधियों को देखते हुए यूरोप के कई शहरों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। प्रशासन की कोशिश है कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अवसर मिले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या हिंसा फैलाने वाली घटनाओं को रोका जा सके।

France : फ्रांस में महंगाई के खिलाफ आंदोलन का दायरा बढ़ा

फ्रांस में पिछले कुछ समय से महंगाई और सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। शुरुआत में छात्रों की मांगों और शिक्षण संस्थानों की फंडिंग से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित आंदोलन धीरे-धीरे व्यापक रूप लेता गया। अब इसमें जीवनयापन की बढ़ती लागत और आर्थिक दबाव जैसे मुद्दे भी शामिल हो गए हैं।

राजधानी पेरिस के अलावा देश के कई अन्य शहरों में भी बड़ी संख्या में लोग विरोध दर्ज करा रहे हैं। लगातार प्रदर्शन होने के कारण सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। इसी वजह से इस सप्ताहांत करीब 70 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। हैलोवीन के दौरान संभावित अशांति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन विशेष निगरानी रख रहे हैं।

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