SC Notice To Rahul : नई दिल्ली, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने की गर्भवती पत्रकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए राहुल गांधी समेत संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर 12 अक्टूर को राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और अन्य कांग्रेस नेताओं ने मार्च निकाला था, उस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उन्हें जोर से धक्का दिया था, जिससे वह गिर गईं और उन्हें चोटें आईं। याचिका में यह भी कहा गया है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

SC Notice To Rahul : सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को मामले का उल्लेख वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ के सामने किया। याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। नोटिस जारी होना मामले में आरोपों की पुष्टि नहीं है। अब संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।
SC Notice To Rahul : पत्रकार ने याचिका में और क्या आरोप लगाए?
याचिका में महिला पत्रकार ने दावा किया कि मार्च के दौरान उन्हें गेट की ओर जोर से धक्का दिया गया। उनके मुताबिक, धक्का लगने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गिरने लगीं। उन्होंने खुद को संभालने के लिए हाथों का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन चोट लग गई।
SC Notice To Rahul : याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने धक्का न देने की अपील भी की थी। हालांकि, वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नारों और भीड़ के शोर के बीच उनकी आवाज नहीं सुनी गई। पत्रकार ने याचिका में यह भी कहा कि यह सामान्य भीड़ की धक्का-मुक्की का मामला नहीं था। ये सभी आरोप याचिका में किए गए
दावों पर आधारित हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
SC Notice To Rahul : पुलिस में शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं होने का दावा
महिला पत्रकार ने अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने पुलिस उपायुक्त (DCP) के पास शिकायत दी थी। शिकायत में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 74, 115(2), 125, 131 और धारा 3(5) के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं की गई। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने अदालत का रुख किया। मामले में पुलिस की कार्रवाई और संबंधित पक्षों का विस्तृत जवाब सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
SC Notice To Rahul : अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट की ओर से नोटिस जारी होने के बाद संबंधित प्रतिवादियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। अदालत में आगे होने वाली सुनवाई और प्रस्तुत जवाबों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। फिलहाल, राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को अदालत द्वारा साबित किया हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
SC Notice To Rahul : संपादकीय नजरिया
राहुल गांधी से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस न्यायिक प्रक्रिया की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। एक गर्भवती पत्रकार ने मार्च के दौरान धक्का दिए जाने और चोट लगने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता का यह दावा भी है कि पुलिस में शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई। ऐसे मामलों में सवाल केवल किसी राजनीतिक नेता की जवाबदेही का नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा, महिला पत्रकारों के अधिकार और शिकायतों पर पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई का भी है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का नोटिस जारी होना आरोपों को सही ठहराना नहीं है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों का जवाब, उपलब्ध साक्ष्य और अदालत की आगे की कार्यवाही देखना जरूरी है। लोकतंत्र में राजनीतिक कद किसी को कानून से ऊपर नहीं रख सकता, लेकिन आरोप मात्र से किसी को दोषी भी नहीं माना जा सकता। इस मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया ही सच्चाई सामने लाने का रास्ता है।


