infosys: सह-संस्थापक गोपाल कृष्णन समेत 18 के खिलाफ जातिगत भेदभाव का मामला

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इंफोसिस के सह-संस्थापक समेत 18 लोगों के खिलाफ जातिगत भेदभाव का मामला
शिकायतकर्ता बोवी समुदाय से (SC) ताल्लुक रखते हैं 

बेंगलुरु: भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के एक पूर्व प्रोफेसर ने संस्थान में जाति-आधारित भेदभाव का आरोप लगाया है। इस मामले में इंफोसिस के सह-संस्थापक कृष गोपालकृष्णन और संस्थान के 17 अन्य फैकल्टी व प्रशासनिक सदस्यों के खिलाफ सदाशिवनगर पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है।

इंफोसिस के सह-संस्थापक समेत 18 लोगों के खिलाफ जातिगत भेदभाव का मामला

मामले की मुख्य बातें:

  1. शिकायतकर्ता: डी. सन्ना दुर्गप्पा, जो सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज विभाग में सहायक प्रोफेसर थे।
  2. आरोप: दुर्गप्पा ने आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर नौकरी से हटाया गया और यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाए गए।
  3. कार्रवाई: उनकी निजी शिकायत के आधार पर बेंगलुरु अदालत ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।

दुर्गप्पा का आरोप:

  • दुर्गप्पा, जो जूलॉजी में पीएचडी हैं, को 10 जुलाई, 2008 को आईआईएससी में लेक्चरर नियुक्त किया गया था। 10 जुलाई, 2011 को उन्हें सहायक प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति मिली।
  • उन्होंने शिकायत में कहा कि ड्यूटी शुरू करने के बाद उन्हें अलग प्रयोगशाला और बैठने की जगह नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने अनुसूचित जाति उप-योजना और जनजाति उप-योजना फंड के तहत प्रतिनिधित्व किया।
  • उन्होंने पहली बार 25 अक्टूबर, 2011 को संस्थान में जातिगत भेदभाव की शिकायत एससी/एसटी फैकल्टी और अधिकारी संघ के माध्यम से गोविंदन रंगराजन से की थी।

यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप:

  • दुर्गप्पा ने आरोप लगाया कि संस्थान के निदेशक ने एक “हनी ट्रैप” की साजिश रची और उनकी नौकरी समाप्त कर दी।
  • उन्होंने कहा कि मामले में उनके खिलाफ जांच ठीक से नहीं की गई।
  • मई 2017 में विधान सभा समिति द्वारा की गई जांच में यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला। समिति ने कहा कि दुर्गप्पा को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह दलित थे।
  • संस्थान ने समिति के सामने दुर्गप्पा को बहाल करने का वादा किया था, लेकिन बाद में ऐसा करने में विफल रहा।

आरोपियों की सूची:

इस मामले में आईआईएससी के गवर्निंग काउंसिल के सदस्य और इंफोसिस के सह-संस्थापक कृष गोपालकृष्णन, आईआईएससी के पूर्व निदेशक बालराम पी और 16 अन्य लोगों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(8), 3(14), 3(1)(2), 3(x) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों में शामिल हैं:

  • श्रीधर वारियर
  • अनिल कुमार
  • नम्रता गुंडैया
  • निर्मला
  • संध्या विश्वनाथ
  • दीपशिका चक्रवर्ती
  • हरि केवीएस
  • दासप्पा
  • गोविंदन रंगराजन
  • बालचंद्र पी
  • हेमला म्हिशी
  • अंजलि करंदे
  • चट्टोपाध्याय के
  • प्रदीप सावकर
  • अभिलाष राजू
  • मनोहरन

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