Aaj ka Panchang: 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में आश्विन मास को पूजा-पाठ, देवी उपासना और पितृ कर्म के लिहाज से विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में 1 अक्टूबर को भी पूजा, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है।
1 October 2026 का पंचांग क्या कहता है
1 अक्टूबर को कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि रात 9:18 बजे तक रहेगी। इसके बाद अगले दिन की तिथि शुरू होगी। इस दिन रोहिणी नक्षत्र दोपहर 1:12 बजे तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र में परिवर्तन होगा। दिन में ध्रुव योग शाम 6:45 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है, जबकि कौलव करण सुबह 10:04 बजे तक रहेगा।
पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेंगे। यह दिन गुरुवार होने के साथ शरद ऋतु और दक्षिणायन का हिस्सा रहेगा। विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 चल रहा होगा। दिशाशूल दक्षिण दिशा में बताया गया है।
1 October 2026 में षष्ठी तिथि का धार्मिक महत्व
1 अक्टूबर को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर पूजा-पाठ और भगवान के ध्यान को विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार व्रत रख सकते हैं और परिवार की सुख-शांति तथा समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
आश्विन मास में देवी उपासना और पितरों से जुड़े धार्मिक कर्मों का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए इस दिन भी श्रद्धा के साथ धार्मिक कार्य करने की परंपरा का पालन किया जा सकता है।
1 October 2026 के शुभ और अशुभ समय
1 अक्टूबर को शुभ मुहूर्त सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बताया गया है। इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए उपयोगी माना जाता है। वहीं राहुकाल दोपहर 1:42 बजे से 3:11 बजे तक रहेगा। इस दौरान महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक परंपरा है।
इसके अलावा गुलिक काल सुबह 9:05 बजे से 10:34 बजे तक और यमघण्ट काल सुबह 6:18 बजे से 7:47 बजे तक बताया गया है। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और समय की भी पुष्टि करना उचित माना जाता है।
1 October 2026 के सूर्य और चंद्रमा के समय
पंचांग के मुताबिक 1 अक्टूबर को सूर्य उदय सुबह 6:12 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 5:58 बजे बताया गया है। चंद्रमा का उदय रात 10:14 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन सुबह 11:03 बजे के आसपास रहेगा।
1 October 2026 को पूजा और व्रत कैसे करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनने के बाद पूजा स्थल की सफाई कर भगवान का ध्यान किया जा सकता है। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं। पूजा के दौरान दीप जलाकर फल, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने की परंपरा है।
जो लोग व्रत रखते हैं, वे अपनी क्षमता और धार्मिक परंपरा के अनुसार व्रत का पालन कर सकते हैं। दिनभर भगवान का स्मरण, मंत्र जाप और धार्मिक पाठ करने की भी मान्यता है। पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है।
1 October 2026 को क्या है खास, एक नजर में
1 अक्टूबर 2026 को गुरुवार है और इस दिन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी। रोहिणी नक्षत्र दोपहर तक रहेगा और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेगा। दिन में ध्रुव योग का प्रभाव बताया गया है। पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए यह दिन महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
हालांकि, पंचांग के मुहूर्त और धार्मिक मान्यताएं स्थान के अनुसार कुछ अंतर के साथ लागू हो सकती हैं। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश या अन्य बड़े मांगलिक कार्यों के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।


