US Iran Conflict: न्यूयॉर्क पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को तेहरान के एक अस्पताल पर हुए हमले के बाद मलबे से बाहर निकाला गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें पहले हुए हमलों में घायल होने के बाद इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बाद में वह अस्पताल भी अमेरिकी और इजरायली हमलों की चपेट में आ गया।
रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के सदस्य मोहसेन हैदरी ने कतर के टेलीविजन नेटवर्क ‘अल अरबिया’ को दिए एक इंटरव्यू में साझा की। हालांकि, मुज्तबा खामेनेई की मौजूदा स्थिति को लेकर स्वतंत्र और स्पष्ट जानकारी सीमित है।
US Iran Conflict: तेहरान के तीन अस्पतालों को निशाना बनाए जाने का दावा
मोहसेन हैदरी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि घायल होने के बाद मुज्तबा खामेनेई को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद तेहरान के तीन अस्पतालों पर हमले होने का दावा किया गया।
हैदरी के मुताबिक, मुज्तबा खामेनेई तीसरे अस्पताल में मौजूद थे और हमले के बाद उन्हें वहां के मलबे से बाहर निकाला गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके बाद उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और तब से वह सार्वजनिक तौर पर दिखाई नहीं दिए हैं।
US Iran Conflict: मुज्तबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने से सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के कारण उनकी स्थिति को लेकर लगातार अटकलें लगती रही हैं। अमेरिकी खुफिया आकलनों में भी पहले उनके गंभीर रूप से घायल होने की बात कही गई थी।
हालांकि, इन दावों के बीच उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आती रही हैं। इसलिए अस्पताल से मलबे में निकाले जाने और उसके बाद उनकी स्थिति से संबंधित जानकारी को संबंधित रिपोर्ट और सूत्रों के दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
सुप्रीम लीडर चुने जाने की प्रक्रिया पर भी बड़ा खुलासा
मोहसेन हैदरी ने मुज्तबा खामेनेई के ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुने जाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि मुज्तबा खामेनेई को खुद भी उनके चयन की जानकारी उस समय तक नहीं थी, जब तक कि ईरानी सरकारी टेलीविजन पर इसकी घोषणा नहीं कर दी गई।
ईरान में सुप्रीम लीडर के चयन की जिम्मेदारी ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के पास होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस दौर में यह प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान इस संस्था से जुड़े ठिकाने भी हमलों से प्रभावित हुए।
US Iran Conflict: कोम में सचिवालय पर हमले में आठ लोगों की मौत का दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के कोम स्थित सचिवालय पर भी बमबारी हुई थी। इस हमले में आठ लोगों की मौत होने और सुप्रीम लीडर के चयन से संबंधित दस्तावेजों के नष्ट होने की बात कही गई है।
हैदरी के अनुसार, सदस्यों ने एक गुप्त कमरे में बैठक से पहले कागज पर अपने पसंदीदा नाम लिखे थे। उन्होंने बताया कि मुज्तबा खामेनेई का नाम सुझाने वाले वह पहले सदस्य थे।
US Iran Conflict: मुज्तबा को 59 में से 50 वोट मिलने का दावा
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम लीडर के चयन के दौरान मुज्तबा खामेनेई को 59 में से 50 वोट मिले। वहीं, आठ सदस्यों ने अयातुल्ला अलीरेजा अराफी के पक्ष में मतदान किया, जबकि एक सदस्य ने वोट नहीं दिया।
हैदरी ने मुज्तबा खामेनेई को राजनीति में लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहने वाला व्यक्ति बताया। रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम लीडर बनने से पहले उन्होंने ईरानी सरकार में कोई प्रमुख राजनीतिक पद नहीं संभाला था। हालांकि, उनके बारे में यह भी रिपोर्ट किया गया है कि वह अपने पिता के सलाहकार के तौर पर काम कर चुके थे।
US Iran Conflict: अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद बढ़ा था रहस्य
मुज्तबा खामेनेई की स्थिति को लेकर रहस्य उस समय और बढ़ गया, जब पहले हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद उनके घायल होने की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट में अमेरिकी खुफिया आकलनों का हवाला देते हुए कहा गया कि वह हमलों में गंभीर रूप से घायल हुए थे।
इसके बाद उनके सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के कारण ईरान के नए सुप्रीम लीडर की स्थिति को लेकर सवाल उठते रहे। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि मुज्तबा खामेनेई जीवित हैं, हालांकि सैन्य अभियानों के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
US Iran Conflict: मुज्तबा खामेनेई को लेकर अब भी कई सवाल
अस्पताल पर हमले, मलबे से निकाले जाने और उसके बाद किसी अज्ञात स्थान पर ले जाए जाने की रिपोर्ट ने मुज्तबा खामेनेई की स्थिति को लेकर चर्चा फिर बढ़ा दी है। हालांकि, उनकी मौजूदा स्थिति और अस्पताल से निकाले जाने की पूरी परिस्थितियों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में सामने आई जानकारी में इजरायल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई, ईरान के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा और सुप्रीम लीडर के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने से जुड़े कई पहलू शामिल हैं, जिनकी अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग व्याख्या की गई है।


