Shajapur Bypass Protest: शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में प्रस्तावित बायपास निर्माण को लेकर किसानों का विरोध सामने आया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने बायपास के लिए किए जा रहे भूमि सर्वे को रोकने की मांग की। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए किसानों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने वहीं नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया।
Shajapur Bypass Protest: किसानों का कहना है कि मौजूदा प्रस्तावित मार्ग में बड़ी मात्रा में निजी जमीन शामिल है। उनका दावा है कि इस जमीन पर बायपास बनने से प्रभावित किसानों को भारी मुआवजा देना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन के सामने एक वैकल्पिक मार्ग का प्रस्ताव रखते हुए सरकारी जमीन का इस्तेमाल करने की मांग की है।
Shajapur Bypass Protest: कलेक्ट्रेट गेट पर रोके गए किसान, शुरू किया धरना
Shajapur Bypass Protest: किसानों का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मुलाकात करने कलेक्ट्रेट पहुंचा था। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें कलेक्ट्रेट के गेट पर ही रोक दिया गया। पुलिस ने चैनल गेट लगाकर रास्ता बंद कर दिया। इसके बाद किसान नाराज हो गए और उन्होंने गेट के बाहर ही नारेबाजी शुरू कर दी।
Shajapur Bypass Protest: स्थिति को देखते हुए एसडीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की बात सुनी और पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को एडीएम से मुलाकात के लिए भेजा। प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और प्रस्तावित बायपास के सर्वे पर आपत्ति दर्ज कराई।
Shajapur Bypass Protest: PWD के प्रस्तावित मार्ग पर किसानों की आपत्ति
Shajapur Bypass Protest: किसानों के अनुसार PWD विभाग की ओर से जिस मार्ग का प्रस्ताव तैयार किया गया है, वह करम्हारिया गेट के सामने से शुरू होकर मटेवा जोड़ से पहले तक प्रस्तावित है। इस मार्ग के लिए ग्राम जमलाय की भूमि के सर्वे क्रमांक 322 से सर्वे शुरू किया गया है।
Shajapur Bypass Protest: किसानों के मुताबिक सर्वे का दायरा मोहन बड़ोदिया की कांकड़ स्थित सरकारी भूमि के सर्वे क्रमांक 1188 से होते हुए सर्वे क्रमांक 164 तक जा रहा है। किसानों का कहना है कि इस प्रस्तावित मार्ग में लगभग 90 प्रतिशत जमीन निजी है। इसी वजह से वे मौजूदा प्रस्ताव पर सवाल उठा रहे हैं।
Shajapur Bypass Protest: किसानों ने मुआवजे के खर्च को लेकर जताई चिंता
Shajapur Bypass Protest: किसानों का दावा है कि यदि मौजूदा प्रस्तावित मार्ग पर बायपास का निर्माण किया जाता है तो बड़ी मात्रा में निजी भूमि का अधिग्रहण करना पड़ेगा। इसके बदले प्रभावित किसानों को मुआवजा देना होगा, जिसमें सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च होने की संभावना है।
Shajapur Bypass Protest: किसानों का तर्क है कि जब आसपास सरकारी जमीन से होकर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकता है, तो निजी जमीन वाले रास्ते को प्राथमिकता देने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रस्ताव की दोबारा जांच कराने की मांग की है।
Shajapur Bypass Protest: किसानों ने बताया 60 फीट चौड़ी सरकारी जमीन का विकल्प
Shajapur Bypass Protest: किसानों ने प्रशासन के सामने प्रस्तावित मार्ग से करीब 200 मीटर की दूरी पर मौजूद एक वैकल्पिक रास्ते का सुझाव दिया है। किसानों के अनुसार सर्वे क्रमांक 743 से सिमरोल की कांकड़ होते हुए मटेवा जोड़ के सर्वे क्रमांक 406 तक करीब 60 फीट चौड़ी सरकारी जमीन पहले से मौजूद है।
Shajapur Bypass Protest: ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता वर्तमान में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि इसी सरकारी जमीन पर बायपास विकसित किया जाता है तो उनके अनुसार करीब 90 प्रतिशत जमीन सरकारी होने के कारण निजी भूमि अधिग्रहण और मुआवजे पर होने वाला खर्च कम किया जा सकता है।
Shajapur Bypass Protest: बिजाना होते हुए शाजापुर से जुड़ने का दावा
Shajapur Bypass Protest: किसानों के अनुसार उनके द्वारा सुझाया गया वैकल्पिक मार्ग बिजाना होते हुए सीधे शाजापुर से जुड़ता है। ग्रामीणों का मानना है कि भविष्य में इस मार्ग पर यातायात को ध्यान में रखते हुए एक सुविधाजनक चौराहा भी विकसित किया जा सकता है।
Shajapur Bypass Protest: किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बायपास निर्माण से पहले दोनों मार्गों की जमीन, लागत और भविष्य की उपयोगिता का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए। उनका कहना है कि इससे किसानों की निजी जमीन भी बच सकती है और सरकारी धन का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकता है।
Shajapur Bypass Protest: प्रशासन ने जांच और उच्च स्तर पर चर्चा का दिया भरोसा
Shajapur Bypass Protest: किसानों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बाद प्रशासन ने उनकी मांगों पर उचित जांच कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने मामले पर उच्च स्तर पर चर्चा करने की बात भी कही है। अब किसानों की नजर प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।
Shajapur Bypass Protest: फिलहाल प्रस्तावित बायपास के सर्वे को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाई है। किसानों ने मौजूदा प्रस्ताव पर पुनर्विचार और उनके सुझाए वैकल्पिक सरकारी मार्ग का परीक्षण करने की मांग की है।


