Career Counseling: जनजाति कल्याण केंद्र महाकौशल, बरगांव में विद्यार्थियों को कैरियर चयन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सही दिशा देने के उद्देश्य से कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद कर पढ़ाई की प्रभावी रणनीति, समय प्रबंधन, तर्कशक्ति, नियमित अभ्यास और लक्ष्य निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
Career Counseling: NEET की तैयारी में NCERT और पुराने प्रश्न-पत्रों पर ध्यान देने की सलाह
पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज असाठी ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए कठिन परिश्रम, नियमित अध्ययन, पुराने प्रश्न-पत्रों के अभ्यास, समूह अध्ययन और रिवीजन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विशेष रूप से NEET की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को NCERT पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
डॉ. असाठी ने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ लगातार प्रयास करते रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में निरंतरता और अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Career Counseling: IIT इंदौर के गोल्ड मेडलिस्ट ने व्यवस्थित कार्ययोजना पर दिया जोर
IIT इंदौर के गोल्ड मेडलिस्ट श्री सतीश जी ने विद्यार्थियों को विषयों को केवल याद करने के बजाय रुचि और पूरी लगन के साथ समझकर पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने विज्ञान और गणित के विषयों को बेहतर ढंग से समझने के लिए अधिक से अधिक प्रश्न पूछने पर जोर दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए व्यवस्थित कार्ययोजना बनाने और तय लक्ष्य के अनुसार तैयारी करने की बात कही। उनके मार्गदर्शन में विषय की समझ विकसित करने और जिज्ञासा बनाए रखने को सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
सफलता के चार स्तंभों से समझाया लक्ष्य निर्धारण
डॉ. अमित जैन ने सफलता के चार स्तंभ—द्रव्य, काल, भाव और क्षेत्र—के माध्यम से विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण और समय के सदुपयोग की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय खुद को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कठिन विषयों को रचनात्मक और सरल तरीके से समझकर पढ़ने की सलाह दी। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी क्षमता और परिस्थितियों के अनुसार लक्ष्य तय कर उसके लिए लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
नियमित अभ्यास को बताया सफलता की कुंजी
ज्ञानेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास और स्मरण शक्ति के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि लगातार किया गया अभ्यास धीरे-धीरे हमारी आदत और स्मृति का हिस्सा बन जाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सुबह जल्दी उठकर अध्ययन करने तथा किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पढ़ाई में नियमितता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
प्रतियोगी परीक्षाओं में Logical Reasoning का महत्व
डॉ. खुशबू गुलवानी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में Logical Reasoning को महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सही सोच, विषय को समझने की क्षमता और निरंतर अभ्यास पर ध्यान देने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि तर्कशक्ति से जुड़े प्रश्नों को बेहतर तरीके से हल करने के लिए नियमित अभ्यास के साथ प्रश्नों को समझने और उनके पीछे के तर्क पर ध्यान देना जरूरी है।
विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से पूछे कैरियर से जुड़े सवाल
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से कैरियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अध्ययन से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उनकी रुचि, क्षमता और लक्ष्य के अनुसार आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कैरियर चयन के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए व्यावहारिक दिशा प्रदान करना रहा। विशेषज्ञों ने समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन, रिवीजन, अभ्यास और लक्ष्य निर्धारण को तैयारी का अहम हिस्सा बताया।
विद्यालय परिवार ने विशेषज्ञों के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में जनजाति कल्याण केंद्र महाकौशल, बरगांव एवं विद्यालय परिवार की ओर से कार्यक्रम में शामिल सभी विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कैरियर काउंसलिंग से विद्यार्थियों को कैरियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन और लक्ष्य निर्धारण से जुड़ी उपयोगी जानकारी मिली।


