Laal Dupatta Malmal Ka नाम शायद आज की युवा पीढ़ी के लिए किसी फिल्म का नाम लगे, लेकिन 1989 में इसी नाम से आया म्यूजिक एल्बम अपने दौर में जबरदस्त लोकप्रिय हुआ था। इस एल्बम की खास बात यह थी कि इसमें शामिल सभी 10 गानों को दर्शकों ने पसंद किया। इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि बाद में इन्हीं गानों को आधार बनाकर एक फिल्म तैयार की गई। हालांकि यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने के बजाय टेलीफिल्म के रूप में बनाई गई थी।
Laal Dupatta Malmal Ka: 10 गानों ने मचाई थी धूम
Laal Dupatta Malmal Ka एल्बम साल 1989 में रिलीज हुआ था। उस दौर में हिंदी सिनेमा में एक्शन फिल्मों का दबदबा बढ़ रहा था, ऐसे समय में इस एल्बम के रोमांटिक और मधुर गानों ने लोगों का ध्यान खींचा। एल्बम में कुल 10 गाने थे और रिपोर्ट के मुताबिक सभी गाने काफी लोकप्रिय हुए।
इस एल्बम में अनुराधा पौडवाल, उदित नारायण, मोहम्मद अजीज, सुरेश वाडकर और पंकज उधास जैसे चर्चित गायकों की आवाज सुनने को मिली थी। ‘क्या बताएं जानेजान’, ‘सुनी सुनी अंखियों में’, ‘लाल दुपट्टा मलमल का’, ‘मैं गुल हूं काली हूं’ और ‘ना जाने क्यों मैं बेकरार’ जैसे गाने लोगों के बीच खूब सुने गए।
Laal Dupatta Malmal Ka: गुलशन कुमार ने गानों की सफलता के बाद बनाई फिल्म
Laal Dupatta Malmal Ka के गानों की लोकप्रियता को देखते हुए गुलशन कुमार ने इसी कहानी और संगीत को आधार बनाकर फिल्म बनाने का फैसला किया। हालांकि यह सामान्य सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्म नहीं थी, बल्कि टेलीफिल्म के तौर पर तैयार की गई थी।
फिल्म में साहिल चड्ढा और राधा असरानी ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। इसका निर्देशन रविंद्र पीपट ने किया था। फिल्म की कहानी रोमांटिक थी और इसके संगीत को पहले से मिली लोकप्रियता का फायदा भी मिला।
Laal Dupatta Malmal Ka: करीब 75 लाख के बजट में बनी थी फिल्म
Laal Dupatta Malmal Ka फिल्म के बजट को लेकर रिपोर्ट में करीब 75 लाख रुपये का आंकड़ा बताया गया है। फिल्म ने लगभग 2 करोड़ रुपये की कमाई की थी। खास बात यह रही कि सिनेमाघरों में रिलीज न होने के बावजूद टेलीविजन के जरिए यह दर्शकों तक पहुंची और इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
फिल्म की लोकप्रियता में इसके गानों की बड़ी भूमिका रही। जिन गानों ने पहले म्यूजिक एल्बम के रूप में लोगों के बीच जगह बनाई थी, वही फिल्म की पहचान भी बन गए।
Laal Dupatta Malmal Ka: एल्बम में थे ये 10 गाने
Laal Dupatta Malmal Ka एल्बम के सभी 10 गानों को उस दौर में लोकप्रियता मिली थी। इनमें ‘क्या बताएं जानेजान’, ‘सुनी सुनी अंखियों में’, ‘लाल दुपट्टा मलमल का’, ‘मैं गुल हूं काली हूं’, ‘ना जाने क्यों मैं बेकरार’, ‘तुमने रख तो ली तस्वीर हमारी’, ‘अब दवा की जरूरत नहीं’, ‘लाल दुपट्टा मलमल का’ का सैड वर्जन, ‘कुछ बात है तुम में तो’ और ‘रकीबों से हबीबों से’ शामिल थे।
इन गानों में अलग-अलग गायकों की आवाज ने एल्बम को विविधता दी। अनुराधा पौडवाल और उदित नारायण के साथ मोहम्मद अजीज, सुरेश वाडकर और पंकज उधास जैसे गायकों की आवाज ने इसे उस दौर के चर्चित म्यूजिक एल्बमों में शामिल किया।
Laal Dupatta Malmal Ka: आशिकी से पहले गुलशन कुमार की बड़ी म्यूजिक सफलता
Laal Dupatta Malmal Ka की सफलता को गुलशन कुमार के उस दौर के महत्वपूर्ण म्यूजिक प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है। इसके करीब एक साल बाद 1990 में ‘आशिकी’ रिलीज हुई, जिसने म्यूजिक के मामले में अलग पहचान बनाई।
महेश भट्ट की फिल्म ‘आशिकी’ में राहुल रॉय और अनु अग्रवाल मुख्य भूमिकाओं में थे। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 80 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 5 करोड़ रुपये का कारोबार किया और इसके शो लंबे समय तक हाउसफुल रहे।
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Laal Dupatta Malmal Ka: थिएटर रिलीज के बिना भी याद रह गई फिल्म
Laal Dupatta Malmal Ka की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि एक म्यूजिक एल्बम की सफलता के बाद उसी लोकप्रियता को फिल्म में बदला गया, लेकिन फिल्म को पारंपरिक थिएटर रिलीज नहीं मिली। इसके बावजूद इसके गाने और टेलीफिल्म के तौर पर इसकी मौजूदगी दर्शकों के बीच चर्चा में रही।
आज जब किसी फिल्म की सफलता को बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से जोड़ा जाता है, उस दौर की यह कहानी दिखाती है कि लोकप्रिय संगीत कैसे किसी प्रोजेक्ट की पहचान बन सकता था। गुलशन कुमार के म्यूजिक सफर में यह एल्बम ‘आशिकी’ से पहले की एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर देखा जाता है।


