by: vijay yadav
Air India Express : कोच्चि। अबू धाबी के लिए रवाना हुई एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट को तकनीकी समस्या के चलते वापस कोच्चि लौटना पड़ा। विमान में उड़ान के दौरान एक इंजन के ऑयल प्रेशर में कमी दर्ज की गई। स्थिति को देखते हुए पायलटों ने एहतियाती कदम उठाते हुए संबंधित इंजन को बंद कर दिया और विमान को एक इंजन की मदद से कोच्चि वापस लाया गया।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना बोइंग 737 विमान से जुड़ी है। विमान ने कोच्चि से उड़ान भरने के करीब 50 मिनट बाद समस्या का सामना किया। उस समय विमान लगभग 36 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था।
Air India Express : इंजन का ऑयल प्रेशर कम होने पर लिया फैसला
उड़ान के दौरान पायलटों को एक इंजन में ऑयल प्रेशर कम होने का संकेत मिला। स्थिति गंभीर होने की आशंका को देखते हुए दोनों पायलटों ने प्रभावित इंजन को बंद करने का निर्णय लिया।
इसके बाद विमान को दूसरे इंजन के सहारे वापस कोच्चि की ओर मोड़ दिया गया। उड़ान दल ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी और सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया शुरू की।
Air India Express : मुंबई ATC को भी दी गई जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, विमान के कोच्चि लौटने का निर्णय लेने के बाद कमांडर ने मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। क्रू ने विमान की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि फ्लाइट अपने गंतव्य अबू धाबी के बजाय वापस कोच्चि जा रही है।
इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से कोच्चि एयरपोर्ट पर उतारा गया।
Air India Express : ज्यादा ईंधन की वजह से लैंडिंग बनी चुनौती
विमान ने उड़ान शुरू करने के कुछ ही समय बाद वापस लौटने का फैसला किया था। ऐसे में उसके टैंक में काफी मात्रा में ईंधन मौजूद था। ईंधन का वजन भी विमान के कुल लैंडिंग वजन में शामिल होता है।
इसी वजह से विमान का वजन सामान्य लैंडिंग सीमा से अधिक था और उसे ओवरवेट लैंडिंग करनी पड़ी। आपात स्थिति में पायलटों को निर्धारित लैंडिंग वजन से अधिक वजन के साथ विमान उतारने की अनुमति होती है, लेकिन इसके बाद विमान की तकनीकी जांच की जा सकती है।
Air India Express : एक इंजन से भी उड़ सकता है दो इंजन वाला विमान
दो इंजन वाले यात्री विमान इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि जरूरत पड़ने पर एक इंजन बंद होने के बावजूद विमान सुरक्षित उड़ान जारी रख सके। हालांकि, ऐसी स्थिति में विमान की क्षमता सीमित हो जाती है और पायलट आमतौर पर नजदीकी या उपयुक्त एयरपोर्ट पर लौटने का फैसला करते हैं।
इस मामले में भी क्रू ने प्रभावित इंजन को बंद करने के बाद विमान को एक इंजन के सहारे कोच्चि वापस लाने का निर्णय लिया।
Air India Express : ओवरवेट लैंडिंग क्यों होती है चुनौतीपूर्ण?
विमान के लिए अधिकतम सुरक्षित लैंडिंग वजन निर्धारित होता है। सामान्य परिस्थितियों में पायलट इसी सीमा के भीतर विमान उतारते हैं। लेकिन किसी आपात स्थिति में ईंधन निकालने या उड़ान जारी रखने का समय नहीं होने पर अधिक वजन के साथ लैंडिंग करनी पड़ सकती है।
ऐसी लैंडिंग में विमान की लैंडिंग स्पीड और ऊर्जा अधिक हो सकती है। इसके कारण ब्रेक, लैंडिंग गियर और रनवे पर सामान्य से ज्यादा दबाव पड़ता है। लैंडिंग के बाद विमान की विस्तृत तकनीकी जांच की जाती है।
Air India Express : एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रिपोर्ट्स पर दी सफाई
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना को लेकर कहा कि करीब एक सप्ताह पहले कोच्चि-अबू धाबी मार्ग की एक फ्लाइट ने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत कोच्चि वापस लौटने का फैसला किया था।
एयरलाइन ने यह भी कहा कि घटना को सही समय और पूरे संदर्भ के बिना पेश किए जाने से यात्रियों और आम लोगों के बीच अनावश्यक चिंता पैदा हो सकती है। एयरलाइन के अनुसार, क्रू ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्रवाई की।
Air India Express : कोच्चि से अबू धाबी की उड़ान में कितना समय लगता है?
कोच्चि और अबू धाबी के बीच हवाई दूरी करीब 2,800 किलोमीटर है और सामान्य परिस्थितियों में इस मार्ग पर लगभग चार घंटे की उड़ान होती है। इस मामले में विमान ने लगभग 50 मिनट बाद वापसी का फैसला किया।
चूंकि विमान यात्रा के शुरुआती हिस्से में ही वापस लौट गया, इसलिए उसमें पर्याप्त ईंधन मौजूद था। यात्रियों और सामान के साथ ईंधन का वजन भी विमान के कुल वजन में शामिल होता है। इसी वजह से वापसी के समय विमान का लैंडिंग वजन सामान्य सीमा से अधिक था और उसे ओवरवेट लैंडिंग करनी पड़ी।


