DAVV Indore News : इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) की कार्यपरिषद की बैठक में विश्वविद्यालय, विद्यार्थियों और शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में परिसर को नशामुक्त बनाने, स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के लिए नए भवन, सभी विद्यार्थियों के दुर्घटना बीमा, विश्वविद्यालय के सौंदर्यीकरण और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कई अहम सुझाव सामने आए। कार्यपरिषद सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी ने भी विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे।
DAVV Indore News : नशामुक्त परिसर के लिए कमेटी का गठन
DAVV Indore News में सबसे अहम पहल विश्वविद्यालय परिसर को नशामुक्त बनाने से जुड़ी रही। कार्यपरिषद सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी ने विश्वविद्यालय परिसर को नशामुक्त बनाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर कार्यपरिषद ने कमेटी गठित करने का निर्णय लिया।
डॉ. द्विवेदी ने इस पहल के लिए कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघाई, कुलसचिव प्रज्ज्वल खरे और कार्यपरिषद के सभी सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि “नशामुक्त परिसर-नशामुक्त युवा-नशामुक्त भारत” के लक्ष्य को केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर के आसपास के वातावरण की भी समीक्षा किए जाने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार विश्वविद्यालय की सीमा से लगी दुकानों, उन्हें स्थान दिए जाने के नियमों तथा वहां बिकने वाले सिगरेट और तंबाकू जैसे पदार्थों की नियमानुसार समीक्षा होनी चाहिए।
DAVV Indore News : परिसर के आसपास नशीले पदार्थों की गतिविधियों पर नजर रखने का सुझाव
डॉ. द्विवेदी ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय परिसर के आसपास किसी भी प्रतिबंधित या नशीले पदार्थ से संबंधित गतिविधि को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण तैयार करना विश्वविद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल होना चाहिए।
DAVV में हाल ही में विद्यार्थियों के बीच नशामुक्ति को लेकर जागरूकता पर भी जोर दिया गया है। विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में करीब 900 विद्यार्थियों ने ‘नशामुक्त भारत’ की शपथ ली थी।
DAVV Indore News : School of Performing Arts के लिए बनेगा नया भवन
बैठक में School of Performing Arts को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। विश्वविद्यालय में इस स्कूल की स्थापना की पहल के लिए डॉ. ए.के. द्विवेदी ने कुलगुरु, कुलसचिव और विश्वविद्यालय प्रशासन का धन्यवाद किया।
कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघाई ने जानकारी दी कि School of Performing Arts के लिए नया भवन किसी ट्रस्ट या संस्था के सहयोग से बनाए जाने का प्रस्ताव है। डॉ. द्विवेदी ने इस पहल को विश्वविद्यालय के अधोसंरचना विकास की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि किसी सामाजिक संस्था या ट्रस्ट द्वारा विश्वविद्यालय के भवन निर्माण में सहयोग किया जाना सराहनीय है। इससे भविष्य में अन्य संस्थाओं और लोगों को भी विश्वविद्यालय के विकास में सहयोग करने की प्रेरणा मिल सकती है।
DAVV शैक्षणिक सत्र 2026-27 से School of Performing Arts के माध्यम से चार वर्षीय Bachelor of Performing Arts पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिसमें कथक, संगीत और थिएटर जैसे क्षेत्रों की पढ़ाई शामिल होगी।
DAVV Indore News : विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों का होगा दुर्घटना बीमा
विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यपरिषद की बैठक में विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों के दुर्घटना बीमा को मंजूरी दी गई। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में विद्यार्थियों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
DAVV की आधिकारिक वेबसाइट पर भी Student Accident Assistance Committee का प्रावधान सूचीबद्ध है।
डॉ. द्विवेदी ने विद्यार्थियों के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनकी सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा का ध्यान रखना भी विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है।
DAVV Indore News : विश्वविद्यालय के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता पर भी जोर
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर को साफ-सुथरा और बेहतर बनाने को लेकर भी सुझाव दिया गया। विभिन्न विभागों के बीच स्वच्छता और सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता आयोजित करने का प्रस्ताव सामने आया।
इसके तहत यह देखा जा सकता है कि कौन-सा विभाग अपने परिसर को सबसे साफ, व्यवस्थित और आकर्षक रखता है। इससे विभागों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों में स्वच्छता तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
DAVV Indore News : TWF में पारदर्शिता और MBA शिक्षा को बेहतर बनाने पर सुझाव
डॉ. ए.के. द्विवेदी ने Teachers Welfare Fund यानी TWF की व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने फंड में उपलब्ध राशि, समिति की वर्तमान स्थिति, पात्रता, अधिकतम सहायता राशि और ऋण या सहायता से जुड़ी शर्तों को स्पष्ट रूप से सामने रखने का सुझाव दिया।
MBA शिक्षा के संबंध में उन्होंने कहा कि केवल दूसरे विश्वविद्यालयों की बराबरी करने के लिए विषयों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। इसके बजाय IIM और देश के प्रमुख Management Institutes के पाठ्यक्रम, केस स्टडी, इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप, प्रैक्टिकल लर्निंग, नेतृत्व क्षमता, उद्यमिता और रोजगारपरक शिक्षा का अध्ययन कर DAVV की Management Education को बेहतर बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने शिक्षा के लिए “कम बोझ, अधिक समझ; बेहतर शिक्षा, बेहतर परिणाम और बेहतर employability” को लक्ष्य बनाने की बात कही। साथ ही लंबे समय से रिक्त डीन के पदों को नियमानुसार भरने की आवश्यकता भी बताई।
DAVV Indore News : तीन साल में कार्यपरिषद की सभी बैठकों में शामिल होने का दावा
डॉ. द्विवेदी ने अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय हित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने की बात कही। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में वे कार्यपरिषद की सभी बैठकों में उपस्थित रहे।
उनके अनुसार कार्यपरिषद सदस्य के रूप में प्लेसमेंट और रिसर्च को उन्होंने प्राथमिकता दी तथा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास से जुड़े विषयों को लगातार सामने रखा। उन्होंने नए विभाग के गठन की दिशा में हुए कार्य को भी अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया और अपने तीन वर्ष के कार्यकाल से संतुष्ट हैं।
DAVV Indore News : राज्यपाल मंगुभाई पटेल के प्रति जताया आभार
कार्यपरिषद सदस्य के रूप में अवसर देने के लिए डॉ. द्विवेदी ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगुभाई पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने पूर्व कुलगुरु प्रो. रेणु जैन, पूर्व कुलसचिव अजय वर्मा, वर्तमान कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघाई, कुलसचिव प्रज्ज्वल खरे, कार्यपरिषद के सभी सदस्यों और विश्वविद्यालय परिवार के सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सभी का उद्देश्य विश्वविद्यालय का विकास और विद्यार्थियों का हित होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मत अलग हो सकते हैं, मन नहीं।”
DAVV Indore News : पद से विदाई, लेकिन विश्वविद्यालय से जुड़ाव जारी रखने की बात
अपने कार्यकाल के समापन पर डॉ. द्विवेदी ने कहा कि वे पद से विदा हो रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय से उनका जुड़ाव समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक सांस है, कोई पद अंतिम नहीं होता।
उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के हित में आगे भी अपना योगदान जारी रखने की बात कही।
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