Tanda Road Train : धार। आजादी के बाद से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे धार जिले के टांडा और आसपास के आदिवासी अंचल के लिए 8 सितंबर 2026 ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्र में पहली यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से टांडा रोड-प्रतापनगर ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
Tanda Road Train के शुरू होने से धार के कुक्षी और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों को गुजरात के रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिलेगा। नई रेल सेवा को क्षेत्र में आवागमन के साथ-साथ व्यापार, रोजगार, शिक्षा और पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टांडा रोड रेलवे स्टेशन पर होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं धार की सांसद सावित्री ठाकुर समेत जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहेंगे। रेलवे की ओर से कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
Tanda Road Train: पहली बार आदिवासी अंचल में पहुंचेगी यात्री रेल
धार जिले के आदिवासी अंचल के लिए यह सिर्फ एक नई ट्रेन सेवा की शुरुआत नहीं है, बल्कि वर्षों पुराने रेल कनेक्टिविटी के सपने के पूरा होने का अवसर है। छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत टांडा रोड तक रेल लाइन का निर्माण पूरा किया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वडोदरा से नई वडोदरा-टांडा रोड ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही जॉबट-टांडा रोड नई रेल लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। यह रेल लाइन दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Tanda Road Train : 12 कोच की मेमू ट्रेन से शुरू होगी सेवा
Tanda Road Train सेवा की शुरुआत 12 कोच वाली मेमू ट्रेन से होने की जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित समय-सारणी के मुताबिक ट्रेन सुबह करीब 5:30 बजे वडोदरा के प्रतापनगर स्टेशन से रवाना होकर जोबट के रास्ते लगभग 9:30 बजे टांडा रोड पहुंच सकती है। वापसी में ट्रेन शाम करीब 5 बजे टांडा रोड से रवाना होकर रात में प्रतापनगर पहुंचने का प्रस्ताव है।
रेल सेवा शुरू होने से अब क्षेत्र के लोगों को गुजरात जाने के लिए केवल सड़क परिवहन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, कारोबारियों, मजदूरों और मरीजों सहित अलग-अलग वर्गों को इससे आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
Tanda Road Train : 435 करोड़ की लागत से तैयार हुआ 16 किलोमीटर रेलखंड
टांडा रोड से डेकाकुंड के बीच करीब 16 किलोमीटर रेल लाइन तैयार की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस रेलखंड के निर्माण पर लगभग 435 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पूरी परियोजना के तहत धार क्षेत्र को गुजरात से जोड़ने की दिशा में लंबे समय से काम चल रहा है। हालांकि टांडा रोड से तिरला-धार के बीच करीब 46 किलोमीटर रेल लाइन का काम अभी बाकी बताया गया है।
Tanda Road Train : रेल आने से व्यापार और रोजगार को मिलेगी रफ्तार
Tanda Road Train के शुरू होने से आदिवासी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। वहीं व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के लिए नए बाजार खुलने की संभावना है।
रेल सेवा शुरू होने के बाद क्षेत्र में परिवहन, होटल, दुकान, पर्यटन और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। युवाओं के लिए गुजरात और अन्य शहरों तक पहुंच आसान होगी, जिससे शिक्षा और रोजगार के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।
Tanda Road Train : विद्यार्थियों और मरीजों को भी मिलेगा फायदा
अब तक क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी। रेल कनेक्टिविटी शुरू होने से यह सफर अपेक्षाकृत आसान और सुविधाजनक हो सकेगा।
विशेष रूप से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए रेल परिवहन एक किफायती विकल्प साबित हो सकता है। इससे विद्यार्थियों, कामगारों और मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
Tanda Road Train : आदिवासी अंचल में विकास की नई पटरी
धार के टांडा और आसपास के आदिवासी क्षेत्र में पहली यात्री ट्रेन का पहुंचना क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार जॉबट-टांडा रोड रेल लाइन दूरस्थ और आदिवासी इलाकों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम करेगी।
Tanda Road Train की सीटी के साथ अब इस इलाके में विकास की नई संभावनाएं भी दस्तक देंगी। बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों की आवाजाही बढ़ेगी, बाजारों का विस्तार होगा और क्षेत्र के युवाओं को रोजगार तथा शिक्षा के नए अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
Tanda Road Train : कलेक्टर ने तैयारियों का लिया जायजा
टांडा में होने वाले वर्चुअल कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन भी तैयारियों में जुटा है। धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने देर शाम कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल है। वर्षों से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के लोग इस ऐतिहासिक शुरुआत के साक्षी बनने की तैयारी में हैं।
Tanda Road Train : 70 साल का इंतजार अब इतिहास बनेगा
जिस रेल सुविधा का इंतजार टांडा और आसपास के आदिवासी अंचल के लोग पीढ़ियों से करते आ रहे थे, वह अब साकार होने जा रही है। 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल कार्यक्रम के साथ यात्री रेल सेवा की शुरुआत क्षेत्र के विकास में नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
टांडा रोड से प्रतापनगर तक शुरू होने वाली ट्रेन केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं ले जाएगी, बल्कि धार के आदिवासी अंचल को रोजगार, शिक्षा, व्यापार और विकास के व्यापक नेटवर्क से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
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