Kapalfodi Encroachment : धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र के ग्राम कपालफोड़ी में कथित अतिक्रमण को लेकर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे के साथ-साथ निस्तारी के लिए बनाए गए कुएं पर भी कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इतना ही नहीं, कथित तौर पर कुएं की जमीन पर निर्माण करने की तैयारी भी की जा रही है।
Kapalfodi Encroachment को लेकर ग्रामीण ने की लिखित शिकायत
Kapalfodi Encroachment मामले में गांव के ही एक ग्रामीण ने करीब एक महीने पहले ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरकारी जमीन और ग्रामीणों के निस्तारी उपयोग से जुड़ी जगह पर कथित रूप से कब्जा किया जा रहा है, लेकिन शिकायत के बावजूद पंचायत की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए था, लेकिन शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर सरपंच या सचिव के पहुंचने की जानकारी नहीं मिली।
Kapalfodi Encroachment : निस्तारी के कुएं पर भी कब्जे की कोशिश का आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में लोगों की निस्तारी जरूरतों को देखते हुए कुआं बनाया गया था। अब आरोप है कि इसी जगह को कथित तौर पर निजी उपयोग में लेने की कोशिश की जा रही है। यदि निस्तारी के सार्वजनिक संसाधन पर कब्जा होता है तो इसका सीधा असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ सकता है।
इसी वजह से शिकायतकर्ता ने पंचायत से तत्काल स्थल निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करने और यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
Kapalfodi Encroachment : पंचायत पर दोहरे रवैये के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की ओर से कुछ शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचा जाता है, लेकिन अतिक्रमण से संबंधित लिखित शिकायत के मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
इसी को लेकर ग्रामीण पंचायत के रवैये पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक और सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में पंचायत को निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।
Kapalfodi Encroachment : पूर्व सचिव बोले- नोटिस दिया गया था
मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव होरी लाल साहू का कहना है कि संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया गया था, लेकिन नोटिस को ठुकरा दिया गया। सचिव के इस बयान के बाद अब सवाल यह है कि नोटिस के बाद पंचायत की ओर से आगे की प्रक्रिया क्यों नहीं बढ़ी और कथित कब्जे की स्थिति क्या है।
Kapalfodi Encroachment : अतिक्रमण की स्थिति पर प्रशासनिक जांच जरूरी
कपालफोड़ी में सामने आए इस मामले में अब प्रशासनिक स्तर पर स्थल निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। सरकारी जमीन, निस्तारी के कुएं और निर्माण से जुड़े दावों की वास्तविक स्थिति राजस्व रिकॉर्ड और मौके की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत और पंचायत की ओर से नोटिस दिए जाने के दावे के बीच कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करें और यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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