BY: Yoganand Shrivastva
Xi Jinping Health चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। तिब्बत की निर्वासित सरकार के पूर्व राजनीतिक प्रमुख लोबसांग सांगे ने दावा किया है कि शी जिनपिंग को कम से कम दो बार हार्ट अटैक आ चुका है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इसके समर्थन में कोई मेडिकल रिकॉर्ड सार्वजनिक किया गया है।
सांगे ने यह दावा 3 सितंबर को एएनआई के साथ बातचीत के दौरान किया। उनके मुताबिक, उन्हें यह जानकारी चीन के एक वरिष्ठ पूर्व अधिकारी से मिली थी। बातचीत के दौरान उन्होंने शी जिनपिंग की पार्टी और सेना पर पकड़ के साथ-साथ चीन में संभावित उत्तराधिकार को लेकर पैदा हो रही चुनौतियों पर भी अपनी राय रखी।
पूर्व अधिकारी के हवाले से किया हार्ट अटैक का दावा
Xi Jinping Health लोबसांग सांगे ने दावा किया कि चीन के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें बताया था कि शी जिनपिंग को दो बार दिल का दौरा पड़ चुका है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संभवतः ऐसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का असर चीनी राष्ट्रपति की कार्यशैली और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ सकता है।
Xi Jinping Health सांगे ने शी जिनपिंग के हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके हावभाव और शारीरिक गतिविधियों में कथित बदलाव का भी उल्लेख किया। हालांकि, हार्ट अटैक या किसी गंभीर बीमारी से जुड़े इन दावों की पुष्टि किसी आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट से नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में भी सेहत को लेकर किए गए दावे
Xi Jinping Health शी जिनपिंग की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। चाइना डेमोक्रेसी पार्टी के चेयरमैन वानजुन शी की एक पोस्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया कि 30 अगस्त को बिश्केक पहुंचने के दौरान शी जिनपिंग की शारीरिक स्थिति सामान्य नहीं दिख रही थी।
पोस्ट में उनके चेहरे पर सूजन, रंग में बदलाव और चलने में परेशानी का दावा किया गया। यहां तक कहा गया कि विमान से उतरते समय उन्हें अपनी पत्नी पेंग लियुआन का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, इन दावों को भी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है। इसलिए इन्हें फिलहाल सोशल मीडिया पर किए गए दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
शी के उत्तराधिकारी को लेकर भी उठाए सवाल
Xi Jinping Health लोबसांग सांगे ने शी जिनपिंग के संभावित उत्तराधिकारी को लेकर भी चीन की राजनीति पर चर्चा की। उन्होंने इसे ‘सम्राट की दुविधा’ से जोड़ते हुए कहा कि किसी उत्तराधिकारी को पहले से घोषित करने पर वह भविष्य में चुनौती बन सकता है, जबकि उत्तराधिकारी तय न करने की स्थिति में सत्ता हस्तांतरण के समय अस्थिरता पैदा होने का खतरा रहता है।
सांगे ने 2011 से 2021 तक सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन के निर्वाचित राजनीतिक प्रमुख के तौर पर काम किया है। फिलहाल वह हार्वर्ड लॉ स्कूल के ईस्ट एशियन लीगल स्टडीज कार्यक्रम से जुड़े हैं। चीन की तिब्बत नीति के आलोचक होने के कारण उनकी टिप्पणियों को उनके राजनीतिक संदर्भ में देखना भी जरूरी है।
फिलहाल शी जिनपिंग को हार्ट अटैक आने संबंधी दावे की कोई स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में उनकी सेहत को लेकर सामने आई इन खबरों को प्रमाणित तथ्य के बजाय अपुष्ट दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।


