संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Sitapur Industrial Area जन्माष्टमी के दिन सीतापुर इंडस्ट्रियल एरिया में गौवंश की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग फैक्ट्री गेट पर पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कथित दूषित पानी को पीने से गौवंश की मौत हुई है। मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

फैक्ट्री प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
Sitapur Industrial Area ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की कुछ फैक्ट्रियों से लगातार अपशिष्ट और प्रदूषित पानी बाहर छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि इसी पानी के संपर्क में आने या उसे पीने के कारण गौवंश की जान गई। घटना के बाद लोगों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

विरोध प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग
Sitapur Industrial Area आक्रोशित ग्रामीण फैक्ट्री गेट पर एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कथित दूषित पानी के स्रोत की जांच कर उसे तत्काल रोका जाए तथा यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
Sitapur Industrial Area स्थिति की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही गौवंश की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।


