Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के ब्रिटेन दौरे के दौरान लंदन में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। ब्रिटेन के 20 सिविल सोसाइटी संगठनों ने लंदन के मेयर सादिक खान से अपील की है कि वह भागवत के कार्यक्रम को अनुमति न दें। संगठनों ने मेयर कार्यालय को पत्र भेजकर यह भी कहा है कि भागवत की ब्रिटेन यात्रा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों से ग्रेटर लंदन अथॉरिटी से जुड़े प्रतिनिधियों और अधिकारियों को दूरी बनाए रखनी चाहिए।
भागवत इस सप्ताहांत ब्रिटेन में भारतीय समुदाय को संबोधित करने वाले हैं। अमेरिका और कनाडा के दौरे के बाद वह ब्रिटेन पहुंचे हैं। इन दोनों देशों में भी उनके कार्यक्रमों को लेकर विरोध देखने को मिला था।
Mohan Bhagwat: 20 संगठनों ने सादिक खान को लिखी चिट्ठी
ब्रिटेन के करीब 20 संगठनों ने लंदन के मेयर सादिक खान को भेजे पत्र में RSS और मोहन भागवत के दौरे को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इन संगठनों में ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’, ‘UK-इंडियन मुस्लिम काउंसिल’, ‘इंडिया लेबर सॉलिडैरिटी’ और ‘साउथ एशिया सॉलिडैरिटी ग्रुप’ सहित कई संगठन शामिल हैं।
पत्र में इन समूहों ने RSS को एक सैन्यवादी संगठन के तौर पर वर्णित किया और उस पर यूरोपीय फासीवाद से प्रेरणा लेने का आरोप लगाया। संगठनों ने मांग की कि ग्रेटर लंदन अथॉरिटी की ओर से RSS से जुड़े कार्यक्रमों के लिए किसी तरह की जगह या संस्थागत सहयोग उपलब्ध नहीं कराया जाना चाहिए।
Mohan Bhagwat: भागवत के कार्यक्रम को लेकर पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल
इन संगठनों ने अपने पत्र में मोहन भागवत की यात्रा के दौरान लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस की ओर से की जा रही तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी जानकारी मांगी है।
पत्र लिखने वाले समूहों का कहना है कि भागवत के दौरे और उनसे जुड़े आयोजनों को लेकर पुलिस की क्या रणनीति है, इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि ऐसे आयोजनों के दौरान संभावित विरोध और उससे पैदा होने वाली परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन को पर्याप्त जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
Mohan Bhagwat: संगठनों ने हेट स्पीच फैलने की जताई आशंका
ब्रिटेन के इन संगठनों का दावा है कि मोहन भागवत की यात्रा से ब्रिटेन में RSS से जुड़े संगठनों को ऐसी विचारधारा और बयानों को बढ़ावा देने का अवसर मिल सकता है, जिन्हें वे ‘हेट स्पीच’ यानी नफरत फैलाने वाला भाषण मानते हैं।
उनका कहना है कि इस तरह के बयानों से ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय समुदाय के भीतर मतभेद और विभाजन बढ़ सकता है। संगठनों ने यह भी आशंका जताई कि इससे कमजोर और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच डर या असुरक्षा का माहौल पैदा हो सकता है।
Mohan Bhagwat: जेरेमी कॉर्बिन ने भी भागवत के कार्यक्रम पर जताई आपत्ति
मोहन भागवत के ब्रिटेन दौरे को लेकर सांसद जेरेमी कॉर्बिन ने भी अपनी आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन के नेता की मेजबानी नहीं की जानी चाहिए, जिसके बारे में उनका आरोप है कि उसका दक्षिणपंथी हिंसा से जुड़ा गंभीर इतिहास रहा है।
कॉर्बिन ने RSS पर धार्मिक स्वतंत्रता को दबाने और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनके बयान के बाद ब्रिटेन में भागवत के कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस और तेज हो गई है।
Mohan Bhagwat: अमेरिका और कनाडा के बाद ब्रिटेन पहुंचे मोहन भागवत
मोहन भागवत अपने विदेश दौरे के तहत अमेरिका और कनाडा के बाद ब्रिटेन पहुंचे हैं। अमेरिका और कनाडा में भी उनके कार्यक्रमों के दौरान विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई थीं।
अब लंदन में होने वाले उनके कार्यक्रम को लेकर स्थानीय संगठनों की ओर से विरोध सामने आया है। हालांकि, भागवत के समर्थक और RSS से जुड़े संगठन इन विरोधों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अलग-अलग विचारों की सामान्य अभिव्यक्ति के तौर पर देख रहे हैं।
Mohan Bhagwat: RSS ने विरोध पर क्या कहा?
ब्रिटेन में मोहन भागवत के विरोध को लेकर RSS ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। संघ के मीडिया प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार और आवाजें होना सामान्य बात है। उनके मुताबिक किसी मुद्दे पर असहमति जताना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और इसे असामान्य घटना नहीं माना जाना चाहिए।
सुनील आंबेकर ने कहा कि RSS उन लोगों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, जो संवाद करना चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि विरोध करने वाले संगठनों के साथ भी बातचीत का रास्ता खुला है।
Mohan Bhagwat: RSS का दावा- ब्रिटेन में 100 से ज्यादा संगठन स्वागत कर चुके
RSS की ओर से यह भी दावा किया गया है कि ब्रिटेन में 100 से अधिक संगठनों ने मोहन भागवत का स्वागत किया है। संघ के मुताबिक ये संगठन उनके ब्रिटेन दौरे के दौरान होने वाले कार्यक्रमों में सहयोग भी कर रहे हैं।
सुनील आंबेकर ने कहा कि RSS की कोशिश ज्यादा से ज्यादा लोगों और संगठनों के साथ संवाद स्थापित करने की है। ऐसे में कुछ संगठनों की ओर से विरोध किए जाने को संघ बहुत बड़ी घटना के तौर पर नहीं देखता।
Mohan Bhagwat: लंदन कार्यक्रम को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
मोहन भागवत के ब्रिटेन दौरे ने एक तरफ RSS समर्थक संगठनों और भारतीय समुदाय के एक हिस्से में उत्साह पैदा किया है, तो दूसरी तरफ कई सिविल सोसाइटी संगठनों ने उनके कार्यक्रम को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंदन के मेयर कार्यालय और ग्रेटर लंदन अथॉरिटी इन संगठनों की अपील पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल भागवत के कार्यक्रम को लेकर समर्थन और विरोध, दोनों पक्षों की आवाजें ब्रिटेन में सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गई हैं।


