Air India Pilot Drug Test : नई दिल्ली। एयर इंडिया ने फुकेत से दिल्ली आने वाली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच में रिपोर्ट नॉन-निगेटिव आने के बाद एयरलाइन ने पायलट की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। यह मामला उस फ्लाइट से जुड़ा है, जिसमें उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव आया था और 24 यात्रियों एवं क्रू सदस्यों को चोटें आई थीं।
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि विमान सुरक्षा, पायलट की फिटनेस और नियामकीय नियमों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। एयरलाइन ने अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पायलट के खिलाफ कार्रवाई की है।
Air India Pilot Drug Test : एयर इंडिया ने कहा- सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं
Air India Pilot Drug Test मामले पर एयरलाइन ने कहा कि फुकेत-दिल्ली सेक्टर पर संचालित फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड की साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच पॉजिटिव आई थी। कंपनी के मुताबिक सुरक्षा और रेगुलेटरी मानकों के उल्लंघन को लेकर उसकी नीति स्पष्ट है और ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाया जाता है।
एयरलाइन ने इसी नीति के तहत पायलट की नौकरी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। हालांकि, ड्रग टेस्ट में नॉन-निगेटिव रिपोर्ट सामने आने का मतलब यह साबित होना नहीं है कि इसी कारण विमान में तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई थी।
Air India Pilot Drug Test : 36 हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक बिगड़ी स्थिति
यह पूरा मामला 4 अगस्त 2026 को हुई एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान से संबंधित है। Airbus A320neo विमान में उस समय 137 यात्री सवार थे। इनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा विमान में छह केबिन क्रू सदस्य और दो पायलट मौजूद थे।
उड़ान के दौरान विमान लगभग 36 हजार फीट की ऊंचाई पर था। इसी दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम कुछ ही सेकंड के अंतराल में काम करना बंद कर गए। तकनीकी गड़बड़ी के बाद ऑटोपायलट भी डिस्कनेक्ट हो गया।
इसके बाद कुछ समय के लिए स्टॉल वार्निंग सुनाई दी। विमान की ऊंचाई में भी अचानक बदलाव आया। रिपोर्ट के मुताबिक विमान पहले लगभग 372 फीट ऊपर गया और इसके बाद करीब 292 फीट नीचे आ गया।
Air India Pilot Drug Test : अचानक ऊंचाई बदलने से 24 लोग घायल
विमान की ऊंचाई में अचानक हुए बदलाव का असर यात्रियों और क्रू पर पड़ा। इस घटना में कुल 24 लोग घायल हुए। इनमें 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य शामिल थे।
घायलों में से 20 लोगों को शुरुआती उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि चार लोगों को गंभीर चोटों के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना के समय विमान में सीट बेल्ट का संकेत बंद था, जिससे अचानक हुए बदलाव के दौरान यात्रियों के चोटिल होने की संभावना बढ़ गई।
Air India Pilot Drug Test : दोनों पायलटों का अल्कोहल टेस्ट सामान्य आया
दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के दोनों पायलटों की मेडिकल जांच कराई गई। शराब के सेवन की जांच के लिए किए गए ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में दोनों पायलटों का परिणाम सामान्य पाया गया।
हालांकि साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच में पायलट-इन-कमांड का सैंपल नॉन-निगेटिव आया, जबकि को-पायलट की रिपोर्ट निगेटिव रही। इसके बाद पायलटों के ब्लड सैंपल की कन्फर्मेटरी जांच कराई गई।
इस जांच में भी पायलट-इन-कमांड का परिणाम नॉन-निगेटिव रहा, जबकि को-पायलट का टेस्ट निगेटिव पाया गया। संबंधित पायलट की उम्र 34 वर्ष बताई गई है।
Air India Pilot Drug Test : AAIB ने DGCA से प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की सिफारिश की
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी AAIB ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट में पायलट के साइकोएक्टिव पदार्थ टेस्ट के परिणाम को गंभीर चिंता का विषय बताया। रिपोर्ट में इस मामले को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA से प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की सिफारिश की गई।
हालांकि AAIB की शुरुआती रिपोर्ट में यह निष्कर्ष नहीं दिया गया कि पायलट के शरीर में मिले साइकोएक्टिव पदार्थ और विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने के बीच सीधा संबंध था।
Air India Pilot Drug Test : पहले टर्बुलेंस की बात सामने आई, बाद में शुरू हुई विस्तृत जांच
घटना के शुरुआती चरण में विमान के अचानक ऊंचाई बदलने को खराब मौसम और टर्बुलेंस से जोड़कर देखा गया था। लेकिन यात्रियों के घायल होने और विमान में हुई घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
AAIB की जांच में विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम के एक साथ फेल होने, ऑटोपायलट के डिस्कनेक्ट होने और विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव समेत कई तकनीकी पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया।
Air India Pilot Drug Test : एयर इंडिया ने शुरू की पायलटों की ड्रग टेस्टिंग
इस घटना के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने पायलटों की ड्रग टेस्टिंग की प्रक्रिया तेज कर दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 17 अगस्त तक करीब 350 पायलटों की जांच की जा चुकी थी।
इनमें दो पायलटों के शुरुआती टेस्ट नॉन-निगेटिव आए थे। हालांकि इन दोनों मामलों में अंतिम पुष्टि के लिए कन्फर्मेटरी टेस्ट की प्रक्रिया बाकी थी।
मौजूदा नियमों के तहत एयरलाइंस को अपने पायलटों के एक हिस्से की रैंडम ड्रग जांच करनी होती है। इसी बीच सरकार सभी पायलटों की सालाना रैंडम ड्रग टेस्टिंग की व्यवस्था पर भी विचार कर रही है।
Air India Pilot Drug Test : ड्रग टेस्ट और विमान की तकनीकी खराबी का संबंध अभी साबित नहीं
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि AAIB ने अभी तक यह नहीं कहा है कि पायलट के ड्रग टेस्ट में नॉन-निगेटिव परिणाम आने के कारण विमान में तकनीकी समस्या पैदा हुई।
विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम एक साथ क्यों फेल हुए, ऑटोपायलट किस वजह से डिस्कनेक्ट हुआ और विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव का वास्तविक कारण क्या था, इन सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पायलट-इन-कमांड की साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच में नॉन-निगेटिव परिणाम सामने आया। इसके बाद एयर इंडिया ने अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उसकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। वहीं विमान में हुई तकनीकी घटना की पूरी वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


