India China Relation: भारत और चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर स्थिरता बनाए रखने और सीमा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। बीजिंग में हुई भारत-चीन विशेष प्रतिनिधियों की 25वें दौर की वार्ता में दोनों देशों के बीच पूर्वी और मध्य सेक्टर में दो अतिरिक्त मीटिंग पॉइंट स्थापित करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही दो नए मिलिट्री हॉटलाइन चैनल बनाने की योजना पर भी दोनों पक्षों ने सहमति जताई है।
इस बातचीत का उद्देश्य सीमा पर किसी भी तरह की गलतफहमी को समय रहते दूर करना और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों का तेजी से समाधान करना है। वार्ता में सीमा विवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
India China Relation: वांग यी और अजीत डोभाल के बीच अहम वार्ता
भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी ने विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा विवाद के साथ-साथ LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।
भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी LAC को पश्चिमी, मध्य और पूर्वी तीन प्रमुख सेक्टरों में देखा जाता है। इन क्षेत्रों में स्थानीय कमांडरों के बीच संपर्क के लिए पहले से कई संवाद तंत्र मौजूद हैं।
India China Relation: दो नए मीटिंग पॉइंट बनाने पर सहमति
वार्ता में पूर्वी और मध्य सेक्टर में दो अतिरिक्त मीटिंग पॉइंट बनाने पर सहमति बनी है। इन स्थानों का इस्तेमाल वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और संबंधित कमांडरों के बीच बातचीत के लिए किया जा सकेगा।
ऐसे संपर्क केंद्र सीमा पर उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को सीधे बातचीत के जरिए सुलझाने में मदद कर सकते हैं। इससे छोटी घटनाओं के बड़े विवाद में बदलने की आशंका भी कम हो सकती है।
India China Relation: दो नए मिलिट्री हॉटलाइन चैनल होंगे तैयार
भारत और चीन ने दो अतिरिक्त सैन्य हॉटलाइन चैनल स्थापित करने पर भी सहमति जताई है। हॉटलाइन का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तेज और सीधा संवाद सुनिश्चित करना है।
मौजूदा व्यवस्था में अलग-अलग सेक्टरों में स्थानीय सैन्य कमांडरों के बीच संपर्क के लिए हॉटलाइन और अन्य संवाद तंत्र पहले से मौजूद हैं। नए चैनल बनने के बाद सीमा से जुड़े किसी आपात या संवेदनशील मामले में तत्काल संपर्क करना आसान हो सकता है।
India China Relation: सीमा विवाद पर एक्सपर्ट ग्रुप करेंगे काम
बैठक में सीमा के निर्धारण से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ समूहों के स्तर पर बातचीत आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों ने सीमा निर्धारण और सीमा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर संबंधित कार्य समूहों के जरिए चर्चा जारी रखने का फैसला किया है।
आधिकारिक स्तर पर यह भी तय किया गया कि इन समूहों की शुरुआती प्राथमिकता उनके काम के दायरे को स्पष्ट करना होगी। इसके बाद सीमा से जुड़े लंबित विषयों पर ठोस और व्यावहारिक तरीके से बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी।
India China Relation: स्थानीय स्तर पर विवाद तुरंत सुलझाने पर जोर
भारत और चीन ने इस बात पर सहमति जताई कि LAC पर किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से मौजूदा राजनयिक और सैन्य संवाद माध्यमों के जरिए तुरंत निपटा जाना चाहिए। इसके लिए कार्यकारी तंत्र, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठक और दूसरे निर्धारित माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सीमा पर किसी घटना को लेकर गलत सूचना, गलत आकलन या गलतफहमी की स्थिति पैदा होने से रोकना है। दोनों देशों के बीच नियमित संपर्क को सीमा पर स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
India China Relation: LAC को लेकर समझ बेहतर बनाने पर चर्चा
वार्ता के दौरान LAC के अलग-अलग क्षेत्रों को लेकर दोनों देशों की समझ को बेहतर बनाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और चीन ने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ने की बात कही। इसके साथ ही द्विपक्षीय संबंधों के स्थिर विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
India China Relation: सीमा विवाद के समाधान के लिए पुरानी सहमतियों का जिक्र
विशेष प्रतिनिधियों की बैठक में भारत-चीन सीमा विवाद के राजनीतिक समाधान से जुड़े पहले के समझौतों और सहमतियों को भी आधार बनाया गया। दोनों देशों ने सीमा विवाद के समाधान के लिए एक ऐसी रूपरेखा तैयार करने की दिशा में बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई, जो दोनों पक्षों के लिए उचित और स्वीकार्य हो।
इस प्रक्रिया में 2005 में तय किए गए राजनीतिक मानदंडों और मार्गदर्शक सिद्धांतों को भी ध्यान में रखा जाएगा। इसका मकसद सीमा विवाद के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाना है।
India China Relation: 2027 में भारत में होगी अगली बैठक
भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों की अगली यानी 26वें दौर की वार्ता वर्ष 2027 में भारत में आयोजित की जाएगी। इससे दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और LAC से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय संवाद जारी रहने का संकेत मिलता है।
नए मीटिंग पॉइंट और मिलिट्री हॉटलाइन की सहमति को सीमा प्रबंधन के स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, सीमा विवाद के स्थायी समाधान के लिए दोनों देशों के बीच आगे भी लगातार बातचीत की जरूरत बनी रहेगी।




