संवाददाता: मनोज कुमार
Laxmi Inspiring Story कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकतीं। इसका जीवंत उदाहरण कटिहार जिले की 13 वर्षीय लक्ष्मी है, जो जन्म से दोनों हाथ न होने के बावजूद पैरों से लिखकर पढ़ाई कर रही है। उसकी लगन और आत्मविश्वास आज कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।
पैरों से लिखकर पूरी कर रही पढ़ाई
Laxmi Inspiring Story हसनगंज प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय भतोरिया में कक्षा चार में पढ़ने वाली लक्ष्मी नियमित रूप से स्कूल जाती है। वह पैरों की उंगलियों के बीच पेन पकड़कर लिखती है और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेती है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी उसकी भागीदारी सराहनीय है। लक्ष्मी का सपना है कि वह भविष्य में शिक्षिका बने और बच्चों को शिक्षा दे।

शिक्षकों ने की सहायता की मांग
Laxmi Inspiring Story विद्यालय की शिक्षिका रिंकू कुमारी ने बताया कि लक्ष्मी अपनी मेहनत और लगन से अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनी हुई है। स्कूल के शिक्षक लगातार उसका उत्साहवर्धन करते हैं। शिक्षकों ने सरकार से अनुरोध किया है कि लक्ष्मी को आवश्यक सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सके।
मजदूरी कर बेटी का भविष्य संवार रहे माता-पिता
Laxmi Inspiring Story लक्ष्मी की मां रेणु देवी ने बताया कि जन्म के समय कई लोगों ने बच्ची को छोड़ देने की सलाह दी थी, लेकिन परिवार ने उसका साथ नहीं छोड़ा। आज उसके माता-पिता मजदूरी कर उसकी पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में लक्ष्मी को 100 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी किया गया है। अधिकारियों ने भी उसे हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।



