रिपोर्ट: प्रशांत जोशी
Forest Smuggling : कांकेर, छत्तीसगढ़ के काँकेर जिले से वन तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गोड़ाहुर क्षेत्र में वन तस्करों ने वन विभाग की निगरानी से बचने के लिए बिल्कुल फिल्म पुष्पा की तर्ज पर कोटरी नदी के पानी के भीतर से सागौन की लकड़ी पार कराने की नई तरकीब अपनाई थी। हालांकि वन परिक्षेत्र पूर्व बांदे की टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
Forest Smuggling : नदी के भीतर से लकड़ी पार कराने की थी योजना
जानकारी के अनुसार अचिंनपुर स्थित कोटरी नदी के रास्ते सागौन की लकड़ी को पानी के भीतर छिपाकर दूसरी ओर पहुंचाया जा रहा था। तस्करों को उम्मीद थी कि इस तरीके से वे वन विभाग की नजरों से बच जाएंगे, लेकिन विभाग को पहले से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल चुकी थी।

वन विभाग की टीम ने नदी किनारे निगरानी बढ़ाई और जैसे ही लकड़ी का जत्था किनारे पहुंचा, अधिकारियों ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान विकास हालदार, सुब्रत विश्वास और विश्वजीत मिस्त्री को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

Forest Smuggling : भारी मात्रा में सागौन लकड़ी जब्त
वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से कुल 1.700 घन मीटर सागौन लकड़ी जब्त की है। जब्त सामग्री में:
25 नग चिरान
13 नग चौखट-पल्ला
शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है।
Forest Smuggling : अवैध तस्करों में मचा हड़कंप
वन विभाग की इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अवैध लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है। विभाग का कहना है कि मामले की आगे जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
वन अधिकारियों ने बताया कि नदी मार्ग का उपयोग कर लकड़ी तस्करी करने का यह तरीका काफी असामान्य है, इसलिए भविष्य में नदी किनारे और जलमार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
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