by: vijay yadav
Snoring Sleep Apnea : रात में सोते समय आने वाले खर्राटों को आमतौर पर लोग सामान्य मानकर टाल देते हैं। कई घरों में तो खर्राटे मजाक का विषय भी बन जाते हैं। लेकिन अगर खर्राटे रोज आते हैं, बहुत तेज होते हैं या इनके बीच-बीच में सांस रुकती नजर आती है, तो इन्हें नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। कुछ मामलों में खर्राटे नींद से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं।
Snoring Sleep Apnea : आखिर क्यों आते हैं खर्राटे?
जब हम सोते हैं तो गले, मुंह और नाक के आसपास की मांसपेशियां कुछ ढीली पड़ जाती हैं। इससे सांस लेने का रास्ता संकरा हो सकता है। जब हवा इस संकरे रास्ते से गुजरती है तो गले और आसपास के नरम ऊतक कंपन करने लगते हैं और इसी कंपन से खर्राटे की आवाज पैदा होती है।
पीठ के बल सोने, अधिक वजन, धूम्रपान, शराब का सेवन और नाक में रुकावट जैसी स्थितियां खर्राटों की समस्या को बढ़ा सकती हैं। उम्र बढ़ने के साथ भी इसका खतरा बढ़ सकता है।

Snoring Sleep Apnea : क्या हर खर्राटा खतरनाक होता है?
नहीं। सिर्फ खर्राटे आने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी है। बहुत से लोगों को बिना किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या के भी खर्राटे आते हैं। लेकिन लगातार और तेज खर्राटे, खासकर जब उनके साथ सांस रुकने या हांफने की समस्या हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
ऐसी स्थिति स्लीप एपनिया की ओर इशारा कर सकती है। इसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती और फिर शुरू होती है। इसके कारण शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और नींद भी बार-बार बाधित होती है।
Snoring Sleep Apnea : स्लीप एपनिया के संकेत क्या हैं?
अगर किसी व्यक्ति को रात में तेज खर्राटे आते हैं और साथ ही सोते समय सांस रुकती दिखाई देती है, अचानक हांफने या घुटने जैसी आवाज आती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
दिन में अत्यधिक नींद आना, सुबह उठने पर थकान या सिरदर्द, ध्यान लगाने में परेशानी और बार-बार नींद टूटना भी स्लीप एपनिया के संकेत हो सकते हैं।
Snoring Sleep Apnea : लंबे समय तक नजरअंदाज करना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?
अनुपचारित स्लीप एपनिया शरीर पर गंभीर असर डाल सकता है। बार-बार सांस रुकने से रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है और शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी बीमारियों और स्ट्रोक जैसे जोखिम बढ़ सकते हैं। डायबिटीज से भी इसका संबंध पाया गया है।
इसके अलावा रात की नींद पूरी तरह आरामदायक न होने से दिन में थकान और नींद बनी रह सकती है। इससे एकाग्रता और प्रतिक्रिया क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे वाहन चलाने या मशीनरी के काम में दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।
Snoring Sleep Apnea : खर्राटे कम करने के लिए क्या करें?
अगर वजन अधिक है तो स्वस्थ तरीके से वजन कम करना मददगार हो सकता है। पीठ के बजाय करवट लेकर सोने की कोशिश करें। धूम्रपान से बचें और रात में शराब का सेवन न करें। बिना डॉक्टर की सलाह के नींद की दवाएं लेना भी उचित नहीं है, क्योंकि कुछ दवाएं समस्या को बढ़ा सकती हैं।
अगर खर्राटे लगातार आते हैं, बहुत तेज हैं या उनके साथ सांस रुकने, घुटने, हांफने और दिनभर अत्यधिक नींद आने जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर स्लीप स्टडी के जरिए पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति को स्लीप एपनिया है या नहीं और उसकी गंभीरता कितनी है।
खर्राटे हमेशा खतरनाक नहीं होते, लेकिन उन्हें पूरी तरह सामान्य मानकर नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। खासकर खर्राटों के साथ अगर सांस रुकती है या दिन में अत्यधिक नींद आती है, तो यह शरीर की चेतावनी हो सकती है। समय पर जांच और सही उपचार से समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
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