BY
Yoganand Shrivastava
Flight Data Recorder reveals key clues फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में हुई अचानक ऊंचाई में गिरावट की घटना को लेकर जांच में नए संकेत मिले हैं। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) से मिली जानकारी हाइड्रोलिक सिस्टम में संभावित तकनीकी समस्या की ओर इशारा कर रही है। हालांकि विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंच गया था, लेकिन इस घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
उड़ान के दौरान अचानक बदली विमान की ऊंचाई
Flight Data Recorder reveals key clues 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की एयरबस A320 उड़ान में 137 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। उड़ान के दौरान विमान को तेज झटकों का सामना करना पड़ा, जिसके बीच उसकी ऊंचाई कुछ समय के लिए लगभग 300 फीट तक कम हो गई। बाद में पायलट ने स्थिति संभाल ली और विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा।

फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से मिले अहम संकेत
Flight Data Recorder reveals key clues एयरबस द्वारा फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर का विश्लेषण किए जाने के बाद शुरुआती निष्कर्ष एयर इंडिया को सौंपे गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विमान की गतिविधियां ऐसी स्थिति से मेल खाती हैं, जब हाइड्रोलिक सिस्टम में दबाव कम हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में विमान के नियंत्रण तंत्र की प्रतिक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे ऊंचाई और संतुलन में अचानक बदलाव आ सकता है।
तकनीकी जांच का दायरा बढ़ा
Flight Data Recorder reveals key clues जांच में अब तक विमान के प्राइमरी फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर में किसी बड़ी खराबी के संकेत नहीं मिले हैं। इसके बाद जांच एजेंसियों और एयरबस का ध्यान हाइड्रोलिक सिस्टम की ओर केंद्रित हो गया है। विमान के विभिन्न हाइड्रोलिक सर्किट, प्रेशर स्विच और अन्य संबंधित उपकरणों की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही विमान की हालिया मेंटेनेंस रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल तकनीकी और परिचालन दोनों पहलुओं से जांच जारी है।



