Report: Santosh Saravgee
Sandipan Vidyalaya Dabra जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र के बाद बढ़ा मामला, स्कूल और हॉस्टल संचालन के लिए जारी हुई थी राशि
डबरा। संजीवनी (संदीपन) विद्यालय डबरा में अव्यवस्थाओं और लापरवाही के आरोपों के बीच अब एक नया और गंभीर मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक 14822 में स्पष्ट रूप से विद्यालय प्रबंधन से स्कूल एवं हॉस्टल संचालन के लिए उपलब्ध कराई गई राशि का पूरा विवरण मांगा गया था। दस्तावेजों के अनुसार विद्यालय और हॉस्टल को शुरू करने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए 41,15,712 रुपये उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन अब तक इस राशि के उपयोग का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत नहीं किया गया है।

Sandipan Vidyalaya Dabra: DEO के आदेशों की अनदेखी, जवाब का इंतजार
जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने विद्यालय प्रबंधन को राशि व्यय का विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद न तो राशि का संपूर्ण लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया और न ही विभागीय आदेशों का पूर्ण पालन किया गया। इससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर सरकारी धन का उपयोग किन कार्यों में किया गया और यदि राशि खर्च हुई तो उसका दस्तावेजी रिकॉर्ड विभाग को क्यों उपलब्ध नहीं कराया गया।

शिक्षा विभाग के आदेशों की अनदेखी को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की कार्रवाई की जा सकती है।
Sandipan Vidyalaya Dabra: हॉस्टल बंद, सुविधाएं अधूरी और करोड़ों नहीं तो लाखों के खर्च पर सवाल
एक ओर विद्यालय में हॉस्टल संचालन, भोजन व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 41.15 लाख रुपये की राशि के उपयोग का स्पष्ट विवरण सामने नहीं आने से मामला और गंभीर हो गया है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्कूल और हॉस्टल के लिए इतनी बड़ी राशि जारी की गई थी, तो उसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई क्यों नहीं दे रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा मांगी गई जानकारी आखिर कब उपलब्ध कराई जाएगी और आदेशों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी।
उठते सवाल
- स्कूल और हॉस्टल संचालन के लिए मिले 41,15,712 रुपये कहां खर्च किए गए?
- जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र क्रमांक 14822 का पालन अब तक क्यों नहीं हुआ?
- विभाग द्वारा मांगे गए व्यय विवरण को प्रस्तुत करने में देरी की वजह क्या है?
- यदि राशि खर्च हुई है तो उसका सत्यापित रिकॉर्ड विभाग को क्यों नहीं दिया गया?
- क्या मामले की स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी?



