BY
Yoganand Shrivastava
Lok Sabha Debate लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में न तो गुस्सा था और न ही नफरत। उनके अनुसार यह देश के युवाओं और भावी पीढ़ी की भावनाओं की अभिव्यक्ति थी, जिसका सम्मान सभी राजनीतिक दलों को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों की चिंताएं जायज हैं और युवा बदलती दुनिया को बेहतर ढंग से समझ रहे हैं।
Lok Sabha Debate छात्रों की सोच और भूमिका पर रखा पक्ष
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि छात्र सच्चाई को समझने और उसके पीछे चलने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने युवाओं को खुले विचारों वाला बताते हुए कहा कि सीखने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति ही वास्तविक छात्र होता है। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को नए विचारों और विभिन्न दृष्टिकोणों के लिए खुला रहना चाहिए।
Lok Sabha Debate बयान पर सदन में हुआ हंगामा
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों को लेकर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे असंसदीय भाषा बताते हुए विरोध दर्ज कराया। इसके बाद सदन में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बनी। लोकसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जो भी शब्द संसदीय नियमों के अनुरूप नहीं होंगे, उन्हें कार्यवाही से हटा दिया जाएगा। इसके बाद चर्चा आगे बढ़ी।


