BY
Yoganand Shrivastava
US Missile Strike Bushehr Nuclear Plant Iran वैश्विक तनाव के बीच ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr Nuclear Power Plant) पर अमेरिकी मिसाइल हमले की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कल रात अमेरिकी हमलों के दौरान मिसाइलों के मलबे और टुकड़े इस न्यूक्लियर फैसिलिटी पर गिरे हैं। हालांकि, ईरान के शीर्ष अधिकारियों ने परमाणु संयंत्र को निशाना बनाए जाने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान ने अमेरिका की इस हालिया सैन्य कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे “गंभीर युद्ध अपराध” घोषित किया है और वाशिंगटन पर अंतरिम शांति समझौते के उल्लंघन का सीधा आरोप मढ़ा है।
US Missile Strike Bushehr Nuclear Plant Iran बुशहर प्लांट और खारग द्वीप पूरी तरह सुरक्षित— ईरानी गवर्नर ने दावों को नकारा
ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी द्वारा बुशहर के पास तेज धमाकों की आवाज सुने जाने की रिपोर्टिंग के बाद यह विवाद खड़ा हुआ। इस पर त्वरित स्पष्टीकरण देते हुए बुशहर के गवर्नर मोहम्मद मुज़फ़्फ़री ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में हवाई हमले जरूर किए हैं, लेकिन उन्होंने उन खबरों का सख्ती से खंडन किया जिनमें परमाणु संयंत्र को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही थी। इसके साथ ही गवर्नर ने तेल निर्यात के नजरिए से बेहद संवेदनशील ‘खारग द्वीप’ (Kharg Island) पर भी हमले की अफवाहों को गलत बताया। बता दें कि इसी द्वीप से ईरान के कुल कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा प्रोसेस होता है। ईरानी प्रशासन के अनुसार, इन दोनों रणनीतिक ठिकानों पर कोई दुर्घटना नहीं हुई है।
US Missile Strike Bushehr Nuclear Plant Iran क्यों खास है बुशहर और क्यों अब तक बचा रहा यह परमाणु केंद्र?
बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट का निर्माण करीब दो दशक पहले रूसी इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की देखरेख में हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका और इजराइल के साथ चले हालिया युद्धों और तनाव के दौरान भी बुशहर को कभी सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया गया था। इससे पहले अमेरिकी बी-2 (B-2 Bomber) रणनीतिक हमलावर विमानों ने नतांज़, फोर्डो और इस्फ़हान जैसी ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटीज को निशाना बनाया था, लेकिन बुशहर में रूसी तकनीकी स्टाफ की मौजूदगी के चलते इसे युद्ध की विभीषिका से दूर रखा गया था। वर्तमान में भी तेहरान के अधिकारियों ने इस प्लांट के पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा किया है।
US Missile Strike Bushehr Nuclear Plant Iran चीन-ईरान व्यापारिक कॉरिडोर को चोट— अमेरिकी हमले में रणनीतिक रेलवे पुल क्षतिग्रस्त
परमाणु प्लांट से इतर, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की आर्थिक रीढ़ पर बड़ा प्रहार किया है। फार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के उत्तरी प्रांत गोलेस्तान में स्थित ‘अक ताक़ेह खान’ (Ak Taqeh Khan) रेलवे पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। यह पुल ईरान और उसके सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन के बीच सीधी कनेक्टिविटी का मुख्य जरिया है, जो तुर्कमेनिस्तान और कज़ाकिस्तान से होकर गुजरता है। अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी के दौरान इसी गुप्त रास्ते से ईरान, रूस और चीन को माल भेजता था। हालांकि, ईरानी रेल मंत्रालय का कहना है कि पुल की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
US Missile Strike Bushehr Nuclear Plant Iran ईरान ने अमेरिकी हमलों को बताया ‘युद्ध अपराध’, ट्रंप ने कहा— ‘समझौता खत्म’
ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सेना द्वारा देश के दक्षिणी तटीय प्रांतों और उत्तर-पूर्वी शहर मशहद को जोड़ने वाले दो प्रमुख रेलवे पुलों पर किए गए हमलों को बेहद “आक्रामक और कायरतापूर्ण” बताया है। तेहरान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ये हमले “गंभीर युद्ध अपराध” की श्रेणी में आते हैं और अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते (MoU) की धारा 1 और 5 का सरेआम उल्लंघन किया है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक कड़ा रुख अपनाते हुए एलान कर दिया है कि ईरान के साथ हुआ यह शांति समझौता (MoU) अब पूरी तरह “खत्म” हो चुका है, जिससे आने वाले दिनों में खाड़ी देशों में सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका है।





