BY
Yoganand Shrivastava
Raja Raghuvanshi Murder Case Supreme Court बहुचर्चित ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कराने को लेकर मेघालय सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब अगले मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने फिलहाल सोनम की जमानत पर रोक लगाने या उसे रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे उसे बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मेघालय सरकार को निर्देश दिया है कि वह सोनम की गिरफ्तारी के समय तैयार किया गया ‘अरेस्ट मेमो’ और अन्य संबंधित कानूनी दस्तावेजों की प्रतियां अदालत के समक्ष पेश करे।
Raja Raghuvanshi Murder Case Supreme Court सोनम रघुवंशी का हलफनामा: ‘केस सिर्फ परिस्थितियों पर आधारित, सबूतों से छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं’
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने ताजा जवाबी हलफनामे में आरोपी सोनम रघुवंशी ने खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताते हुए मामले में झूठा फंसाए जाने का दावा किया है। सोनम की दलील है कि पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और पूरा मामला महज परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (Circumstantial Evidence) पर टिका हुआ है। हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस को अब उससे किसी भी प्रकार की बरामदगी नहीं करनी है और मामले में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। ऐसे में उसके द्वारा सबूतों को प्रभावित करने या गवाहों को डराने की कोई गुंजाइश नहीं है। सोनम ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अदालत की शर्तों का पालन करते हुए लगातार शिलांग में ही रह रही है।

Raja Raghuvanshi Murder Case Supreme Court ‘टाइपो एरर’ की वजह से मिली जमानत— सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल (SG) की दलील
इस हाई-प्रोफाइल मामले की पिछली सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार का पक्ष रखते हुए देश के सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने एक बेहद चौंकाने वाली दलील दी थी। उन्होंने अदालत को बताया था कि निचली अदालत ने एक मामूली ‘टाइपो एरर’ (टाइपिंग की गलती) को आधार बनाकर आरोपी को जमानत दे दी। दरअसल, पुलिस की लिखापढ़ी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या से जुड़ी गंभीर धारा 103 की जगह लिपिकीय त्रुटि के कारण धारा 403 (संपत्ति का गबन) टाइप हो गया था, जिसका लाभ आरोपी पक्ष को मिल गया।
Raja Raghuvanshi Murder Case Supreme Court हनीमून के दौरान शिलांग की गहरी खाई में मिला था पति का शव
पूरा मामला मई 2025 का है, जब इंदौर के रहने वाले संपन्न ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम से हुई थी। विवाह के बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय की खूबसूरत वादियों और राजधानी शिलांग गए थे। इसी दौरान अचानक राजा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। मेघालय पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा चलाए गए एक सघन सर्च ऑपरेशन के बाद राजा रघुवंशी का शव शिलांग की एक बेहद गहरी खाई से क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ था। जांच के बाद पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के आरोप में पत्नी सोनम और उसके कुछ साथियों को दबोच लिया था। हाल ही में मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम को जमानत दी थी, जिसे अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है।





