BY
Yoganand Shrivastava
BS-VI Vehicle Ban Delhi NCR दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले और रोजाना अपनी गाड़ियों से देश की राजधानी आने-जाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण खबर है। दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में पैर पसारने वाले जानलेवा वायु प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए एक बेहद सख्त ‘Winter Pollution Master Plan’ लागू करने का फैसला किया है। इस नए एक्शन प्लान के तहत आगामी 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली में कई कड़े प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे, जिससे गाड़ियों की आवाजाही से लेकर दफ्तरों के कामकाज तक का तरीका बदल जाएगा।
BS-VI Vehicle Ban Delhi NCR बाहरी गाड़ियों पर सख्त पाबंदी: नहीं मिलेगी एंट्री
BS-VI Vehicle Ban Delhi NCR सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के मुताबिक, 3 महीने की इस प्रतिबंध अवधि के दौरान दिल्ली के बाहर (अन्य राज्यों में) रजिस्टर्ड BS-VI (बीएस-6) मानक से नीचे के डीजल और पेट्रोल वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। हालांकि, आपातकालीन और पर्यावरण अनुकूल वाहनों को इससे राहत दी गई है:
- किन्हें मिलेगी छूट: सीएनजी (CNG) वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन (EVs), एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
BS-VI Vehicle Ban Delhi NCR निजी वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग चार्ज दोगुना
सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम करने और लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक और बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली के सभी अधिकृत (Authorized) पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क को सीधे दोगुना (Double) कर दिया गया है।
राहत की बात: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा संचालित की जाने वाली मेट्रो पार्किंग्स पर यह बढ़ा हुआ शुल्क लागू नहीं होगा।
BS-VI Vehicle Ban Delhi NCR दफ्तरों में 50% क्षमता और वर्क फ्रॉम होम (WFH)
सर्दियों के चरम दिनों में सड़कों पर ट्रैफिक जाम और उससे निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए भी गाइडलाइंस जारी की गई हैं:
- सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में एक समय पर केवल 50% कर्मचारी ही भौतिक रूप से उपस्थित रहेंगे।
- शेष 50% वर्कफोर्स को ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) की सुविधा दी जाएगी। (नोट: आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े विभागों पर यह नियम लागू नहीं होगा)।
BS-VI Vehicle Ban Delhi NCR ईंधन के लिए PUC अनिवार्य, निर्माण कार्यों पर भी ब्रेक
- नो पीयूसी, नो फ्यूल: अब दिल्ली के किसी भी पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी पंप पर बिना वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सर्टिफिकेट के ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह नियम पूरे साल सख्ती से लागू रहेगा।
- धूल नियंत्रण और ड्रोन से निगरानी: 1 नवंबर से 31 जनवरी के बीच दिल्ली में धूल उड़ाने वाले कई तरह के तोड़-फोड़ और खुले निर्माण कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। बड़े प्रोजेक्ट्स पर एंटी-मिस्ट गन लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, नियम तोड़ने वालों और कचरा जलाने वालों पर पैनी नजर रखने के लिए इस बार ड्रोन मॉनिटरिंग का सहारा लिया जाएगा।
यह विंटर मास्टर प्लान अब हर साल इसी तय अवधि (1 नवंबर से 31 जनवरी) में स्वतः (Automatically) लागू हो जाया करेगा, जिससे अचानक बढ़ने वाले प्रदूषण के ग्राफ को समय रहते रोका जा सके।





