Bihar Vigilance Awareness Week बिहार सरकार ने राज्य में सुशासन को मजबूत करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति को अमलीजामा पहनाने के लिए बड़े प्रशासनिक फैसलों का ऐलान किया है। बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस एवं सतर्कता जागरूकता सप्ताह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ‘Triple T’ (ट्रांसपेरेंसी, टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट) के फॉर्मूले पर काम किया जाएगा।
सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में निगरानी विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के नवीन लोगो (Logo) का अनावरण भी किया।
Bihar Vigilance Awareness Week भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के 4 बड़े फैसले
Bihar Vigilance Awareness Week ED सदन और जनता के बीच पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

- विशेष निगरानी न्यायालय (Special Vigilance Court): बिहार के सभी 9 प्रमंडलों में विशेष निगरानी न्यायालयों की स्थापना की जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण हो सके और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।
- हर जिले में निगरानी थाना: भ्रष्टाचार पर जमीनी स्तर से लगाम कसने के लिए सूबे के प्रत्येक जिले में निगरानी थाना और सभी अनुमंडलों (Sub-divisions) में निगरानी ओ०पी० (आउटपोस्ट) स्थापित की जाएगी।
- जब्त संपत्तियों में खुलेंगे स्कूल: भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सरकार भ्रष्टाचारियों के जब्त किए गए परिसरों और मकानों में सरकारी विद्यालय संचालित करेगी।
- गवाहों को परिवहन भत्ता: अपराध एवं आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में सरकारी गवाहों को सुरक्षित रखने और बढ़ावा देने के लिए उन्हें गवाही पर आने-जाने हेतु परिवहन भत्ता (Travel Allowance) उपलब्ध कराया जाएगा।
Bihar Vigilance Awareness Week “मंत्री हो या विधायक, बख्शे नहीं जाएंगे”
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों, विधायकों तथा शीर्ष स्तर से लेकर निचले स्तर तक के किसी भी अधिकारी के विरुद्ध सरकार बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा:
“गरीबों को न्याय दिलाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। न्याय के साथ विकास तभी संभव है, जब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। लोगों को अब शॉर्टकट की संस्कृति छोड़कर ईमानदारी का रास्ता अपनाना होगा।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘समृ समृद्ध बिहार’ के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
Bihar Vigilance Awareness Week ED और CBI की तर्ज पर स्मार्ट बनेंगी राज्य की एजेंसियां
मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को निर्देश दिया कि वे अपनी कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक और विषय विशेषज्ञों (Experts) को शामिल करें। उन्होंने कहा कि इन दोनों इकाइयों को इतनी आधुनिक और स्मार्ट कार्यप्रणाली विकसित करनी होगी कि विशेष परिस्थितियों में केंद्रीय एजेंसियों जैसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को भी बिहार की टीमों के सहयोग की आवश्यकता महसूस हो।
मंच पर मौजूद रहे दिग्गज: कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ० बी० राजेंदर और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक (DG) जितेंद्र सिंह गंगवार ने भी संबोधित किया। इस मौके पर राज्य प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





