Report: Ratan kumar
Jamtara Driving License Camp जिले के नागरिकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने एक नई पहल की है। इसके तहत अब प्रखंड स्तर पर ही विशेष ड्राइविंग लाइसेंस कैंपों का आयोजन शुरू कर दिया गया है। गुरुवार को जामताड़ा प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित पहले शिविर में सुबह से ही आवेदकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस नई व्यवस्था से अब आम जनता को लाइसेंस के काम के लिए जिला मुख्यालय के बार-बार चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

Jamtara Driving License Camp परिवहन विभाग की नई पहल: क्या है प्रक्रिया?
Jamtara Driving License Camp जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) मुकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ के निर्देशों तथा उपायुक्त के मार्गदर्शन में जिले के सभी प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से इन विशेष कैंपों का आयोजन किया जा रहा है।

कैंप का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:
- ऑनलाइन आवेदन: आवेदकों को सबसे पहले अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या सीएससी (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा।
- जरूरी दस्तावेज: आवेदन के लिए निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पहचान पत्र [Redacted] और ब्लड ग्रुप की प्रामाणिक जानकारी होना अनिवार्य है।
- सत्यापन और लर्निंग लाइसेंस: ऑनलाइन फीस जमा करने और स्लॉट बुक करने के बाद, तय तारीख पर कैंप में ओरिजिनल दस्तावेजों का फिजिकल वेरिफिकेशन (सत्यापन) किया जाएगा। प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने पर मौके पर ही लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
Jamtara Driving License Camp पहले ही दिन खुली व्यवस्था की पोल, सीमित स्लॉट से आवेदक नाराज
इस सराहनीय पहल के बावजूद, पहले ही दिन कैंप के प्रबंधन और व्यवस्था को लेकर आवेदकों में भारी नाराजगी और असंतोष देखने को मिला। शिविर में पहुंचे दूर-दराज के ग्रामीणों ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा प्रतिदिन केवल 100 आवेदकों का स्लॉट तय किया गया है।
सीमित स्लॉट होने के कारण सुबह से लाइन में खड़े दर्जनों लोग बिना अपना काम कराए ही निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हो गए। ग्रामीणों और आवेदकों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि कैंप में आने वाले लोगों की भारी तादाद को देखते हुए प्रतिदिन के स्लॉट की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि इस जन-कल्याणकारी योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके और कोई भी जरूरतमंद सुविधा से वंचित न रहे।





