संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Morena National Bird Peacock Death Forestry Negligence मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से वन विभाग (फॉरेस्ट डिपार्टमेंट) की एक बड़ी और असंवेदनशील लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ करंट की चपेट में आने से घायल हुआ राष्ट्रीय पक्षी मोर पूरे 3 घंटे तक जमीन पर तड़पता रहा और अंततः उपचार के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों द्वारा लगातार सूचना दिए जाने के बावजूद फॉरेस्ट विभाग की टीम घटना के 12 घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस घोर लापरवाही से डोडरी गांव के ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और दोषी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

Morena National Bird Peacock Death Forestry Negligence शासकीय स्कूल के पास करंट की चपेट में आया राष्ट्रीय पक्षी
यह दुखद घटना अम्बाह गेम रेंज के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत डोडरी की है। जानकारी के अनुसार, बीते रोज यहाँ स्थित शासकीय स्कूल के समीप एक राष्ट्रीय पक्षी मोर बिजली के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। मोर को छटपटाता देख स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई और अपने स्तर पर उसे प्राथमिक उपचार (फिजिकल ट्रीटमेंट) देने का प्रयास किया। इसके साथ ही ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को घटना की मोबाइल फोन पर सूचना दी।

Morena National Bird Peacock Death Forestry Negligence रातभर फोन लगाते रहे ग्रामीण, तड़प-तड़प कर हुई मोर की मौत
ग्रामीण आकाश तोमर का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फॉरेस्ट विभाग की कोई भी टीम देर रात तक घटनास्थल पर नहीं पहुंची। इस दौरान ग्रामीण लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन मिलाते रहे, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। सही समय पर चिकित्सकीय उपचार न मिलने के कारण राष्ट्रीय पक्षी ने करीब 3 घंटे तक जमीन पर तड़पने के बाद दम तोड़ दिया। मोर की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसके शव को रातभर एक कमरे में सुरक्षित रखा।
Morena National Bird Peacock Death Forestry Negligence 12 घंटे बाद पहुंचे वनकर्मियों को ग्रामीणों ने सिखाया सबक, जांच शुरू

अगले दिन सुबह करीब 9 बजे (घटना के लगभग 12 घंटे बाद) जब वन विभाग के कर्मचारी डोडरी गांव पहुंचे, तो उन्हें देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने मौके पर ही लापरवाह वनकर्मियों को जमकर खरी-खरी सुनाई और अपनी नाराजगी दर्ज कराई। इसके बाद वनकर्मी मोर के शव को लेकर पोरसा पशु अस्पताल पहुंचे, जहाँ पशु डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम (PM) करने के बाद राष्ट्रीय पक्षी के शव को नियमानुसार नष्ट करने की कार्रवाई की गई।
लापरवाह कर्मचारियों को थमाया नोटिस: राष्ट्रीय पक्षी की मौत और ग्रामीणों के हंगामे की खबर जैसे ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कानों तक पहुंची, महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने ड्यूटी में कोताही बरतने वाले और समय पर न पहुंचने वाले लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।





