BY
Yoganand Shrivastava
PM Modi Delhi Airport Stay NEET Exam प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के भावी डॉक्टरों और छात्रों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली हवाई अड्डे (IGI Airport) पर अवतरण के बाद प्रधानमंत्री ने तुरंत अपने सरकारी आवास के लिए प्रस्थान नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने कुछ समय तक एयरपोर्ट पर ही ठहरने का फैसला किया, ताकि देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET देने जा रहे छात्रों को किसी भी तरह के वीवीआईपी (VVIP) ट्रैफिक का सामना न करना पड़े।

PM Modi Delhi Airport Stay NEET Exam परीक्षार्थियों को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए एयरपोर्ट पर काटा वक्त
दरअसल, रविवार दोपहर 2 बजे से देश भर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) का आयोजन होना था। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले बड़ी तादाद में छात्र और उनके माता-पिता एग्जाम सेंटर्स की ओर बढ़ रहे थे। चूंकि प्रधानमंत्री के काफिले (रूटीन मूवमेंट) के गुजरने के दौरान सुरक्षा कारणों से लुटियंस और मध्य दिल्ली की कई प्रमुख सड़कों पर यातायात रोक दिया जाता है, जिससे भारी जाम लगने की आशंका थी। छात्रों का कीमती समय बर्बाद न हो और वे मानसिक तनाव से बच सकें, इसी के मद्देनजर पीएम मोदी ने अपनी रवानगी को टाल दिया।

PM Modi Delhi Airport Stay NEET Exam प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण, सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ
हर साल नीट परीक्षा में देश भर से लाखों छात्र शामिल होते हैं और परीक्षा के दिन महानगरों में सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होता है। ऐसे नाजुक समय में देश के शीर्ष पद पर बैठे राजनेता द्वारा प्रोटोकॉल को दरकिनार कर आम छात्रों की सहूलियत को प्राथमिकता देना प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा उदाहरण माना जा रहा है। सूत्रों ने पुष्टि की है कि दोपहर 2 बजे जब परीक्षा केंद्रों के गेट बंद हो गए और परीक्षा विधिवत शुरू हो गई, उसके बाद ही प्रधानमंत्री का काफिला हवाई अड्डे से रवाना हुआ। इस कदम की जानकारी सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर लोग इसकी जमकर सराहना कर रहे हैं।
PM Modi Delhi Airport Stay NEET Exam छात्रों से पीएम का पुराना जुड़ाव, ‘परीक्षा पे चर्चा’ का भी दिखा अक्स
यह पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने छात्र वर्ग के प्रति अपनी ऐसी आत्मीयता दिखाई है। वे लगातार ‘परीक्षा पे चर्चा’ (Pariksha Pe Charcha) कार्यक्रम के माध्यम से हर साल देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव व डिप्रेशन से मुक्त रहने के गुर सिखाते हैं। आज का यह निर्णय भी उसी छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता का विस्तार माना जा रहा है, जहां एक वीवीआईपी मूवमेंट पर छात्रों के भविष्य और उनके समय को तरजीह दी गई।





