BY
Yoganand Shrivastava
Parbhani Temple Pillar Collapse महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक बेहद दर्दनाक और दुखद खबर सामने आई है। यहाँ मानवत तालुका स्थित प्रसिद्ध यशवाड़ी देवस्थान संस्थान मंदिर परिसर में शनिवार दोपहर एक निर्माणाधीन सभागार का भारी-भरकम पिलर अचानक भरभराकर गिर गया। इस भीषण हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे के नीचे 30 से अधिक श्रद्धालुओं के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से ही मौके पर चीख-पुकार मची हुई है और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
Parbhani Temple Pillar Collapse शनिवार के चलते उमड़ी थी भीड़, महाप्रसाद के दौरान हुआ हादसा
Parbhani Temple Pillar Collapse स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, यशवाड़ी देवस्थान में प्रत्येक शनिवार को परभणी और आसपास के जिलों से हजारों की तादाद में श्रद्धालु दर्शन के लिए जुटते हैं। शनिवार होने के कारण आज भी मंदिर परिसर में विशेष दर्शन, कीर्तन और महाप्रसाद का आयोजन चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। इसी दौरान मुख्य मंदिर के ठीक सामने बन रहे नए सभागार का एक निर्माणाधीन पिलर अचानक असंतुलित होकर श्रद्धालुओं के ऊपर गिर गया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
Parbhani Temple Pillar Collapse मलबे में दबे 30 से ज्यादा लोग, मौके पर पहुंची पुलिस और एम्बुलेंस
प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, पिलर और कंक्रीट के भारी मलबे के नीचे करीब 30 से अधिक श्रद्धालु दब गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मानवत पुलिस के सहायक पुलिस निरीक्षक शिंदे अपनी पूरी टीम और स्थानीय आपदा प्रबंधन दल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से तुरंत आधा दर्जन से अधिक एम्बुलेंस को मौके पर रवाना किया गया, ताकि मलबे से निकाले जा रहे घायलों को बिना वक्त गंवाए अस्पताल पहुंचाया जा सके।
Parbhani Temple Pillar Collapse युद्धस्तर पर जारी है बचाव कार्य, स्थिति पर प्रशासन की नजर
हादसे वाली जगह पर क्रेन और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। मलबे के नीचे फंसे लोगों तक ऑक्सीजन और प्राथमिक चिकित्सा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। जिले के आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और अस्पताल को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। शुरुआती जांच में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, हालांकि प्रशासन का पहला ध्यान अधिक से अधिक जिंदगियां सुरक्षित बचाने पर केंद्रित है।





