BY
Yoganand Shrivastava
Anantapur Temple Donation Note आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से एक ऐसा अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा पूरे सोशल मीडिया पर हो रही है। आमतौर पर लोग मंदिरों की दानपेटी में अपनी सुख-समृद्धि, नौकरी, अच्छी सेहत या शादी-ब्याह की मन्नतें लिखकर डालते हैं। लेकिन यहाँ के एक मशहूर मंदिर की हुंडी (दानपेटी) में अधिकारियों को 20 रुपये का एक ऐसा नोट मिला है, जिस पर एक भक्त ने भगवान से अपनी ही आंटी (चाची/मामी) की मौत की खौफनाक दुआ मांग डाली।
Anantapur Temple Donation Note सुब्रह्मण्येश्वर स्वामी मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान खुला राज
Anantapur Temple Donation Note यह हैरतअंगेज वाकया अनंतपुर जिले के आत्माकुर मंडल के अंतर्गत आने वाले पंपानूर गांव का है। यहाँ स्थित सुप्रसिद्ध सुब्रह्मण्येश्वर स्वामी मंदिर में जब प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर के कर्मचारियों द्वारा दानपेटी खोलकर चढ़ावे की रकम गिनी जा रही थी, तभी एक कर्मचारी की नजर ₹20 के इस अनोखे नोट पर पड़ी। नोट को पलटकर जब उस पर हाथ से लिखा संदेश पढ़ा गया, तो वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया।
Anantapur Temple Donation Note ‘उनकी प्रताड़ना अब बर्दाश्त नहीं होती…’ नोट पर लिखा दर्द और गुस्सा
20 रुपये के उस करंसी नोट पर तेलुगु या स्थानीय भाषा में लिखा संदेश बेहद चौंकाने वाला था। पीड़ित या परेशान भक्त ने लिखा था— “स्वामी (भगवान), मैं अपनी आंटी के तानों, प्रताड़ना और उनकी परेशान करने वाली हरकतों को अब और कतई बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हूँ। कृपया करके यह सुनिश्चित करें कि वह जल्द से जल्द मर जाएं।” इस अजीब और हिंसक गुजारिश को देखकर मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया।
Anantapur Temple Donation Note सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर, यूजर बोले— ‘घरेलू कलह का चरम रूप’
मंदिर प्रशासन के मुताबिक, आज तक लोगों को खुशहाली मांगते देखा गया है, लेकिन किसी की जान लेने की ऐसी बेताब और अनोखी मांग पहली बार सामने आई है। इस नोट को देखकर जहां कुछ कर्मचारी अपनी हंसी नहीं रोक पाए, वहीं कुछ लोग पारिवारिक रिश्तों में घुली इस कड़वाहट को देखकर काफी दुखी हुए। देखते ही देखते इस नोट की तस्वीरें इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आग की तरह फैल गईं। अब लोग यह कयास लगा रहे हैं कि क्या यह वाकई किसी पीड़ित का असली दर्द है या फिर महज ऑनलाइन ध्यान खींचने के लिए किया गया कोई प्रैंक (मजाक) है। बहरहाल, नोट लिखने वाले की पहचान अभी भी एक रहस्य बनी हुई है।





