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Negligence by the Health Department : इटावा में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही? प्रसव के बाद नवविवाहिता की मौत, जन्म लेते ही अनाथ हुआ नवजात

Negligence by the Health Department

Report: Kumar Ravi singh

Negligence by the Health Department किलकारी गूंजने के दो घंटे बाद ही जच्चा को अस्पताल से भेजा घर, बिगड़ी तबीयत

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। बकेवर थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर निवासी सोनू पाल की 20 वर्षीय पत्नी जूली को प्रसव पीड़ा होने पर लखना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया था। जूली ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, जिससे परिवार में उत्सव का माहौल था। आरोप है कि प्रसव के महज दो घंटे बाद ही अस्पताल स्टाफ ने आनन-फानन में प्रसूता की छुट्टी कर दी और उसे घर भेज दिया। घर पहुँचते ही जूली की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

Negligence by the Health Department जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, पोस्टमार्टम के बाद मचा कोहराम

Negligence by the Health Department महिला की बिगड़ती हालत को देख घबराए परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वहाँ के डॉक्टरों ने जांच के बाद जूली को मृत घोषित कर दिया। प्रसूता की मौत की खबर मिलते ही परिवार की खुशियाँ पल भर में मातम में बदल गईं। बुधवार देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब जूली का शव उसके निवास स्थान पर लाया गया, तो परिजनों के करुण क्रंदन से पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया।

Negligence by the Health Department मां की ममता से महरूम हुआ मासूम, सिस्टम की अनदेखी पर उठे सवाल

इस पूरी घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू यह रहा कि जिस मासूम ने अभी दुनिया में कदम ही रखा था, उसके सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया। नवजात को अपनी जन्म देने वाली मां की गोद तक नसीब नहीं हो सकी। यह घटना सरकारी दावों के विपरीत ग्रामीण इलाकों में प्रसूताओं की देखभाल और मेडिकल स्टाफ की संवेदनशीलता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है, जहाँ प्रसव के तुरंत बाद बिना निगरानी के मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया।

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