MP: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन का इंतजार अभी कुछ दिन और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून प्रदेश में सामान्य समय से करीब 3 से 4 दिन की देरी से पहुंचने की संभावना है। हालांकि, मानसून के आने से पहले ही प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल चुका है। प्री-मानसून गतिविधियों के चलते तेज आंधी, बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है।
MP: कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई है। भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि होने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
MP: 40 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का अनुमान
राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और अन्य कई जिलों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
MP: मालवा-निमाड़ क्षेत्र में गर्मी से राहत के आसार कम
प्रदेश के पश्चिमी हिस्से यानी मालवा और निमाड़ अंचल में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना हुआ है। इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन जिलों के लिए फिलहाल किसी बड़े बारिश अलर्ट की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में इन क्षेत्रों में लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
MP: कई जिलों में हुई बारिश, लोगों को मिली राहत
बीते दिनों प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मुरैना में अच्छी बारिश देखने को मिली, जबकि ग्वालियर में भी उल्लेखनीय वर्षा हुई। मंडला, सिवनी, दतिया और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का असर दिखाई दिया। इससे तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली।
MP: कई शहरों में 42 से 43 डिग्री तक पहुंचा तापमान
बारिश की गतिविधियों के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रभाव अभी भी बना हुआ है। खजुराहो और नौगांव प्रदेश के सबसे गर्म स्थानों में शामिल रहे, जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। वहीं दमोह, सतना, रीवा, दतिया, मंडला और टीकमगढ़ समेत कई शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा।
MP: सक्रिय मौसम प्रणालियों से बदल रहा है प्रदेश का मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसका असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है। इसके अलावा ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण और अन्य मौसमी प्रणालियां भी सक्रिय हैं। इन्हीं कारणों से प्रदेशभर में मौसम तेजी से करवट ले रहा है और कई इलाकों में अस्थिर परिस्थितियां बन रही हैं।
MP: दक्षिण भारत में आगे बढ़ा मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक छोटे अंतराल के बाद फिर से रफ्तार पकड़ ली है। वर्तमान में यह कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं तो मानसून जल्द ही मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ सकता है।
MP: 17 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में दस्तक दे सकता है मानसून
मौसम विभाग और विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून के प्रदेश में पहुंचने के बाद अगले 10 से 15 दिनों के भीतर इसके पूरे राज्य में फैलने की संभावना है। इसके साथ ही किसानों और आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि तब तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्री-मानसून बारिश, तेज हवाएं और स्थानीय मौसमीय गतिविधियां जारी रह सकती हैं।





