BY
Yoganand Shrivastava
US-Iran War Round 2 अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ संघर्षविराम (Ceasefire) टूटने के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध का दूसरा चरण (Round 2) शुरू हो चुका है। डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि जंग का यह नया फेज पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा विनाशकारी साबित हो सकता है। जहां फरवरी में शुरू हुए पहले चरण में दोनों देश केवल एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बना रहे थे, वहीं अब यह लड़ाई सीधे तौर पर बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को तबाह करने पर आ गई है। इस टकराव का असर केवल मध्य पूर्व (Middle East) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
US-Iran War Round 2 ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की नाकेबंदी से सहमी दुनिया
इस युद्ध में वैश्विक महाशक्तियों और अन्य देशों की सबसे बड़ी चिंता दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) को लेकर है।
- ईरान का कड़ा रुख: रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को ईरान ने पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है।
- अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी: दूसरी तरफ, अमेरिकी नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सख्त नाकेबंदी लागू कर दी है।
- क्या होगा असर: यदि यह गतिरोध लंबा खिंचा, तो कच्चे तेल (Crude Oil) और गैस का परिवहन ठप हो जाएगा। नतीजा यह होगा कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, शेयर बाजारों में ऐतिहासिक गिरावट आएगी और तेल आयात पर निर्भर भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं में भारी ईंधन संकट और बेकाबू महंगाई देखने को मिल सकती है।
US-Iran War Round 2 ओमान के तट पर मिसाइल हमले, भारतीय नाविकों की मौत
अमेरिका द्वारा लागू की गई सख्त समुद्री नाकेबंदी के बाद ओमान के तट के पास का समुद्री क्षेत्र युद्ध के मैदान में बदल चुका है। हाल ही में यहाँ 3 कमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों पर सिलसिलेवार मिसाइल हमले हुए हैं। इन हमलों में भारतीय चालक दल के सदस्यों (Indian Crew Members) के भी हताहत होने की दुखद खबर है, जिससे कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है।
अमेरिका की दलील: अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि उनके हवाई हमलों का मकसद केवल उन जहाजों को रोकना है जो प्रतिबंधित देशों की तरफ जा रहे हैं। वे केवल जहाजों के इंजन रूम को निशाना बना रहे हैं ताकि वे आगे न बढ़ सकें। लेकिन तटस्थ समुद्री क्षेत्र में निर्दोष नाविकों की मौत ने अंतरराष्ट्रीय नियमों और नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
US-Iran War Round 2 शांति समझौते की राह में खड़ी हैं ये 3 सबसे बड़ी बाधाएं
US-Iran War Round 2 इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ कूटनीतिक समझौते के संकेत दिए थे, लेकिन हालिया हमलों ने शांति की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। दोनों देशों के बीच मुख्य रूप से इन तीन बिंदुओं पर पेंच फंसा हुआ है:
| विवाद का मुद्दा | अमेरिका का रुख | ईरान का स्टैंड |
| यूरेनियम संवर्धन | ईरान अपने ‘एनरिच्ड यूरेनियम’ के भंडार को पूरी तरह नष्ट करे, क्योंकि यह हथियार-ग्रेड (Wp-Grade) सामग्री के बेहद करीब है। | वह यूरेनियम का भंडार छोड़ने को तैयार नहीं है। |
| प्रतिबंध और फ्रीज संपत्तियां | अंतिम समझौते और शर्तों को पूरी तरह मानने के बाद ही राहत दी जाएगी। | बातचीत के अंतिम समझौते से ठीक पहले ही उसकी फ्रीज की गई विदेशी संपत्तियों को तुरंत मुक्त किया जाए और प्रतिबंध हटाए जाएं। |
| इजरायल-हिजबुल्लाह जंग | इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू हिजबुल्लाह को पूरी तरह नष्ट करने के अपने सैन्य लक्ष्य पर अड़े हैं। | ईरान की शर्त है कि युद्ध खत्म करने के किसी भी समझौते में उसके सहयोगी संगठन हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच जारी लड़ाई को भी रोकना होगा। |
US-Iran War Round 2 कूटनीतिक प्रयास जारी, मध्यस्थों पर टिकी नजरें
तनाव के बीच कतर का एक उच्च स्तरीय कूटनीतिक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के समन्वय के साथ तेहरान (ईरान की राजधानी) पहुंचा था। हालांकि, गुरुवार सुबह यह दल बिना किसी ठोस या बड़े समझौते की घोषणा के वापस लौट गया। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने भी इस बढ़ते सैन्य तनाव पर गहरी चिंता जताई है और दोनों देशों से तुरंत युद्धविराम का पालन करने की अपील की है।
अब देखना यह होगा कि क्या कूटनीति के जरिए इस युद्ध को रोका जा पाता है, या फिर ‘राउंड 2’ का यह टकराव दुनिया को एक नए और भीषण आर्थिक मंदी के दौर में धकेल देगा।





