BY
Yoganand Shrivastava
Justice Katju Ishq Karo Party अपने बेबाक बयानों और अनोखे अंदाज के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने इंटरनेट पर एक बार फिर तहलका मचा दिया है। सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से जारी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की चर्चाओं के बीच अब जस्टिस काटजू ने एक नई पार्टी—’इश्क करो पार्टी’ बनाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। उनके इस मजेदार और व्यंग्यात्मक पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स को मीम्स बनाने का एक नया और फ्रेश टॉपिक मिल गया है।

Justice Katju Ishq Karo Party एक्स (X) पर किया पार्टी का ऐलान, शेयर की ईमेल आईडी
Justice Katju Ishq Karo Party ‘ जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने अपने ऑफिशियल एक्स (ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस अनूठी पहल की घोषणा की। उन्होंने इस काल्पनिक या व्यंग्यात्मक पार्टी का उद्देश्य बताते हुए लिखा कि ‘इश्क करो पार्टी’ का मुख्य मकसद समाज में लोगों के बीच प्यार, शांति, आपसी भाईचारा और समझ को बढ़ावा देना है।

- युवाओं से अपील: प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष रह चुके काटजू ने देश के युवाओं से इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की है।
- पार्टी की आधिकारिक मेल: उन्होंने इस पार्टी से जुड़ने के इच्छुक लोगों के लिए बकायदा एक ईमेल आईडी (ishqkaroparty@gmail.com) भी जारी की है, जिसने लोगों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।
Justice Katju Ishq Karo Party ‘कॉकरोच बनाम इश्क’— सोशल मीडिया पर छिड़ा मीम्स का युद्ध
जस्टिस काटजू के इस पोस्ट के वायरल होते ही मीमर्स और सोशल मीडिया यूजर्स एक्टिव हो गए। इंटरनेट पर तरह-तरह की मजेदार प्रतिक्रियाएं और मीम्स शेयर किए जा रहे हैं:
- एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, “अब देश की राजनीति में नफरत का दौर खत्म, सीधे ‘इश्क’ की एंट्री हो गई है।”
- वहीं दूसरे यूजर ने मजाकिया अंदाज में तुलना करते हुए लिखा, “कॉकरोच जनता पार्टी बनाम इश्क करो पार्टी… अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय राजनीति में प्यार जीतता है या कॉकरोच!”
- कई लोग इसे गंभीर राजनीति पर जस्टिस काटजू का एक बेहतरीन और तीखा व्यंग्य (Satire) मान रहे हैं।
Justice Katju Ishq Karo Party क्या वाकई चुनावी मैदान में उतरेगी ‘इश्क करो पार्टी’?
यह पहली बार नहीं है जब जस्टिस काटजू ने अपने बयानों से इंटरनेट का ध्यान खींचा हो। वे समय-समय पर देश के ज्वलंत सामाजिक, कानूनी और राजनीतिक मुद्दों पर अपने खास और तंजिया अंदाज में राय रखने के लिए जाने जाते हैं।
फिलहाल इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि या संभावना नहीं है कि ‘इश्क करो पार्टी’ भविष्य में निर्वाचन आयोग में पंजीकृत होकर एक औपचारिक राजनीतिक दल का रूप लेगी या नहीं। लेकिन इस डिजिटल युग में इतना जरूर तय है कि जस्टिस काटजू के इस वन-लाइनर ने सोशल मीडिया की दुनिया को एक नया ट्रेंडिंग टॉपिक और हंसने-मुस्कुराने का एक बड़ा बहाना दे दिया है। अब देखना यह है कि यह ‘इश्क की राजनीति’ सिर्फ चंद दिनों का ट्रेंड बनकर रह जाती है या कोई नया सोशल कैंपेन बनती है।





