US Iran Air Strike: अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि ईरान में चलाया गया उसका सैन्य अभियान फिलहाल समाप्त कर दिया गया है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया और निर्धारित सैन्य उद्देश्य पूरे होने के बाद अभियान को रोक दिया गया।
अमेरिकी सेना के अनुसार यह कार्रवाई ईरान की कथित आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई। साथ ही कहा गया कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
US Iran Air Strike: किन ठिकानों को बनाया गया निशाना
CENTCOM के बयान के मुताबिक सैन्य अभियान के दौरान ईरान की निगरानी प्रणाली, संचार नेटवर्क और हवाई सुरक्षा ढांचे से जुड़े कई ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, नौसेना और वायु सेना ने संयुक्त रूप से अभियान को अंजाम दिया।
अमेरिका का दावा है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनसे अमेरिकी सैन्य बलों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को संभावित खतरा था। इसी आधार पर सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
US Iran Air Strike: करीब तीन घंटे तक चला सैन्य अभियान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार तड़के अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सैन्य कार्रवाई शुरू होने की जानकारी दी थी। इसके कुछ घंटों बाद जारी नए बयान में अभियान समाप्त होने की घोषणा की गई।
समय-क्रम के अनुसार यह सैन्य ऑपरेशन लगभग तीन से साढ़े तीन घंटे तक चला। इस दौरान विभिन्न लक्ष्यों पर हमले किए गए और अभियान के उद्देश्य पूरे होने के बाद कार्रवाई रोक दी गई।
US Iran Air Strike: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका का दावा
CENTCOM ने ईरान के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि हालिया तनाव के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
अमेरिकी सेना का कहना है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से व्यावसायिक जहाजों का आवागमन सामान्य रूप से जारी है। अमेरिका के अनुसार वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण इस समुद्री गलियारे में कोई व्यवधान नहीं आया है।
US Iran Air Strike: ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ी सैन्य गतिविधियां
यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि रुकी हुई वार्ताओं और क्षेत्रीय घटनाक्रमों को लेकर ईरान को परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाओं ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को चुनौती दी है और क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है।
US Iran Air Strike: पहले भी हो चुके हैं जवाबी हमले
हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच कई बार सैन्य तनाव देखने को मिला है। ईरान की ओर से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की है।
इस सप्ताह दोनों देशों के बीच कई बार सैन्य गतिविधियां सामने आई हैं, जिससे पश्चिम एशिया क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर भी पड़ सकता है।
US Iran Air Strike: क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता का विषय बना हुआ है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर दुनिया भर की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।
आने वाले दिनों में दोनों देशों की ओर से उठाए जाने वाले कदम यह तय करेंगे कि स्थिति कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ती है या फिर तनाव और अधिक गहराता है।
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