Aaj ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार 11 जून 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी। एकादशी तिथि रात 10 बजकर 36 मिनट तक प्रभावी रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। पुरुषोत्तम मास के 26वें दिन परमा एकादशी व्रत भी रखा जाएगा, जिसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने वाला व्रत माना जाता है।
दिनभर बनेंगे कई शुभ योग
ज्योतिषीय गणना के अनुसार दिन की शुरुआत शोभन योग से होगी। यह योग दोपहर 12 बजकर 59 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद अतिगण्ड योग आरंभ होगा, जो दिन के अंत तक रहेगा। इसके साथ ही पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बना रहेगा, जिसे सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
वहीं विडाल योग सुबह 5 बजकर 23 मिनट से सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में महत्वपूर्ण कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है।
करण का रहेगा यह क्रम
पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत बव करण से होगी, जो सुबह 11 बजकर 52 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद बालव करण रात 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। बालव करण की समाप्ति के बाद कौलव करण का आरंभ होगा।
नक्षत्र और चंद्रमा की स्थिति
दिन की शुरुआत रेवती नक्षत्र से होगी, जो सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव पूरे दिन बना रहेगा।
चंद्रमा भी महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन करेंगे। सुबह 8 बजकर 16 मिनट के बाद चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर का प्रभाव विभिन्न राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिल सकता है।
नवग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी?
11 जून 2026 को ग्रहों की स्थिति इस प्रकार रहेगी—
- सूर्य वृषभ राशि में रहेंगे।
- चंद्रमा सुबह तक मीन राशि में रहकर बाद में मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
- मंगल मेष राशि में स्थित रहेंगे।
- बुध मिथुन राशि में गोचर करेंगे।
- बृहस्पति कर्क राशि में रहेंगे।
- शुक्र कर्क राशि में स्थित रहेंगे।
- शनि मीन राशि में विराजमान रहेंगे।
- केतु सिंह राशि में रहेंगे।
- राहु कुंभ राशि में स्थित रहेंगे।
शुभ मुहूर्त
धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए 11 जून का दिन कई दृष्टियों से अनुकूल माना जा रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग के प्रभाव के कारण पूजा-पाठ, व्रत, दान-पुण्य, नए कार्यों की शुरुआत और मांगलिक कार्यों के लिए दिन शुभ रहेगा।
राहुकाल और अशुभ समय
गुरुवार के दिन राहुकाल दोपहर के समय पड़ता है। इस अवधि में नए कार्य, निवेश या शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार राहुकाल में किए गए कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
11 जून 2026 को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 19 मिनट पर होगा।
चंद्रमा का उदय 12 जून की सुबह 2 बजकर 31 मिनट पर होगा। वहीं चंद्रास्त दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर होगा।
धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है यह दिन?
परमा एकादशी को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन व्रत, जप, तप, दान और धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व बताया गया है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग के संयोग से दिन की शुभता और भी बढ़ जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी चंद्रमा का मेष राशि में प्रवेश कई राशियों के लिए नए अवसर और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है।





