BY
Yoganand Shrivastava
Delhi Siliguri Bullet Train Project देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क (Bullet Train Project) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक परियोजना का खाका देश के सामने रखा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कोलकाता में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद देश की राजधानी दिल्ली को उत्तर-पूर्व के प्रवेश द्वार यानी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से बुलेट ट्रेन के जरिए जोड़ने की आधिकारिक घोषणा की। इस मेगा प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने के बाद दिल्ली और सिलीगुड़ी के बीच का सफर चंद घंटों का रह जाएगा, जिससे न केवल पर्यटन बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी अभूतपूर्व गति मिलेगी।
Delhi Siliguri Bullet Train Project लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्व भारत के तीव्र विकास के लिए बुलेट ट्रेन का संकल्प लिया है। प्रस्तावित रूट के मुताबिक, यह नई बुलेट ट्रेन नई दिल्ली से रवाना होकर उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों— लखनऊ व वाराणसी और बिहार की राजधानी पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी पहुंचेगी। इस रूट के जरिए उत्तर भारत के तीन बड़े राज्यों (यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल) को एक ही कॉरिडोर में समेटने की तैयारी है।
Delhi Siliguri Bullet Train Project 6 घंटे में 1500 किलोमीटर की दूरी होगी तय
वर्तमान में दिल्ली से सिलीगुड़ी की दूरी लगभग 1500 किलोमीटर है, जिसे तय करने में पारंपरिक एक्सप्रेस ट्रेनों को 20 से 24 घंटे का समय लगता है। रेल मंत्री ने साफ किया कि इस रूट पर बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी होने के बाद यात्री यह लंबी दूरी महज 6 घंटे में तय कर सकेंगे। हालांकि, शुरुआती घोषणा होने के कारण रेल मंत्री ने अभी इस बात का खुलासा नहीं किया है कि इस प्रोजेक्ट का जमीनी कार्य कब से शुरू होगा, इसके लिए बजट की अंतिम रूपरेखा क्या होगी और मार्ग में कुल कितने स्टेशन बनाए जाएंगे। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि घोषणा के बाद जल्द ही इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
Delhi Siliguri Bullet Train Project कोलकाता मेट्रो को मिलेंगे 60 नए रेक्स, आधुनिकता पर जोर
राज्य सचिवालय की बैठक में रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो नेटवर्क के आधुनिकीकरण को लेकर भी बड़ा रोडमैप साझा किया। उन्होंने बताया कि अगले 4 से 5 वर्षों के भीतर कोलकाता मेट्रो के बेड़े में अत्याधुनिक तकनीक वाले 60 नए जनरेशन के रेक (Rakes) जोड़े जाएंगे। उन्होंने यूपीए शासनकाल और मौजूदा विकास की तुलना करते हुए कहा कि कोलकाता में शुरुआती 40 वर्षों के इतिहास में जहां महज 27 किलोमीटर मेट्रो लाइन जोड़ी गई थी, वहीं बीते 11 वर्षों में रिकॉर्ड 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनों का विस्तार किया गया है।
Delhi Siliguri Bullet Train Project पश्चिम बंगाल के लिए ₹14,205 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट
केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल के लिए बजटीय आवंटन पर आंकड़े पेश करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य की यात्री और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए इस वर्ष रिकॉर्ड ₹14,205 करोड़ का रेलवे बजट आवंटित किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान पश्चिम बंगाल को रेलवे विकास के लिए सालाना केवल 4,000 करोड़ रुपये के आसपास मिलते थे, जिसकी तुलना में आज का बजट तीन गुना से भी ज्यादा है।
Delhi Siliguri Bullet Train Project डानकुनी से सूरत: 2052 किमी लंबा ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर
औद्योगिक माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेल मंत्री ने ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) की प्रगति का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के डानकुनी से लेकर गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत तक बनने वाला यह 2052 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर भारत के पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक बेल्टों के बीच लॉजिस्टिक्स क्षमता और व्यापारिक सुगमता को बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।





