PMO News: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में कार्यरत तरुण कपूर का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार के निर्णय के बाद अब वे 10 जून 2027 तक इस महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं देते रहेंगे। उनके कार्यकाल विस्तार को प्रशासनिक अनुभव और नीति निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति सरकार के भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।
PMO News: एक और वर्ष के लिए बढ़ाई गई जिम्मेदारी
सरकारी निर्णय के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय में सलाहकार के पद पर कार्यरत तरुण कपूर का कार्यकाल निर्धारित अवधि के बाद समाप्त होने वाला था। हालांकि, उनकी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यकाल में एक और वर्ष की वृद्धि की गई है।
इस फैसले के बाद वे अब जून 2027 तक प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े रहेंगे और विभिन्न नीतिगत मामलों में अपनी सलाह और अनुभव का योगदान देते रहेंगे।
2022 में हुई थी सलाहकार पद पर नियुक्ति
तरुण कपूर वर्ष 1987 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा में लंबे अनुभव के बाद उन्हें मई 2022 में प्रधानमंत्री कार्यालय में सलाहकार नियुक्त किया गया था।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण नीतिगत और प्रशासनिक मामलों में भूमिका निभाई है, जिसके चलते वे केंद्र सरकार की प्रमुख टीम का हिस्सा बने हुए हैं।
PMO News: पहले भी मिल चुका है कार्यकाल विस्तार
यह पहली बार नहीं है जब तरुण कपूर के कार्यकाल को बढ़ाया गया है। वर्ष 2024 में उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला था, लेकिन उस समय भी सरकार ने उनकी सेवाओं को जारी रखते हुए कार्यकाल में दो वर्ष का विस्तार किया था।
अब एक बार फिर उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाया गया है, जिससे प्रधानमंत्री कार्यालय में उनकी निरंतर मौजूदगी बनी रहेगी।
PMO News: पेट्रोलियम मंत्रालय में भी निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री कार्यालय में आने से पहले तरुण कपूर केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने नवंबर 2021 तक इस मंत्रालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं।
ऊर्जा क्षेत्र और प्रशासनिक प्रबंधन से जुड़े मामलों में उनके अनुभव को काफी अहम माना जाता है। इसी अनुभव के आधार पर उन्हें बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में सलाहकार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
PMO News: नीतिगत विशेषज्ञता पर सरकार का भरोसा
प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि कार्यकाल विस्तार का निर्णय तरुण कपूर की नीतिगत समझ, प्रशासनिक दक्षता और लंबे अनुभव को देखते हुए लिया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में उनकी निरंतर भूमिका यह संकेत देती है कि सरकार महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों पर उनके अनुभव और विशेषज्ञता को आगे भी उपयोग में लाना चाहती है। यही वजह है कि उन्हें एक बार फिर अतिरिक्त अवधि के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।





