CREDAI Bhopal Development : भोपाल के विकास पर होगा बड़ा मंथन, कलेक्टर ने क्रेडाई को सौंपी सेमिनार की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी

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CREDAI Bhopal Development : राजधानी के नियोजित विकास को लेकर कलेक्टर से मिला क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल

CREDAI Bhopal Development : राजधानी भोपाल के समग्र और नियोजित विकास को लेकर क्रेडाई भोपाल का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को अध्यक्ष मनोज सिंह मीक के नेतृत्व में नवनियुक्त कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से मिला। बैठक में शहर के मास्टर प्लान, अवैध कॉलोनियों, डिजिटल भू-नक्शों की समस्याओं, राजा भोज की प्रतिमा, विकास से जुड़े सेमिनार और क्रेडाई कार्यालय के लिए भूमि आवंटन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

CREDAI Bhopal Development : मास्टर प्लान की देरी से प्रभावित हो रहा वैध विकास

बैठक में क्रेडाई प्रतिनिधियों ने बताया कि भोपाल में लंबे समय से नया मास्टर प्लान लागू नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में उपयोगी लैंड यूज़ सीमित हो गए हैं। इसका सीधा असर वैध कॉलोनी विकास, अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं, संगठित डेवलपर्स और आम निवेशकों पर पड़ रहा है। क्रेडाई ने चिंता जताई कि शहर की सीमा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना सक्षम स्वीकृति के प्लॉटिंग, फार्म हाउस परियोजनाएं और अवैध कॉलोनियां तेजी से विकसित हो रही हैं, जिससे भविष्य में नागरिक सुविधाओं और कानूनी स्वामित्व से जुड़े गंभीर संकट खड़े हो सकते हैं।

CREDAI Bhopal Development : अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से जिलेभर में अवैध कॉलोनियों का विशेष सर्वे कराने और उन पर प्रभावी रोक लगाने का आग्रह किया। क्रेडाई ने सुझाव दिया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, राजस्व विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीम बनाकर नियमित निरीक्षण किया जाए। इसके साथ ही अवैध परियोजनाओं के विज्ञापन, विक्रय और पंजीयन में शामिल व्यक्तियों एवं संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा नागरिकों के लिए स्वीकृत कॉलोनियों की सार्वजनिक सूची जारी करने की भी मांग की गई। शिकायतों के लिए विशेष पोर्टल या हेल्पलाइन शुरू करने का सुझाव भी दिया गया।

CREDAI Bhopal Development : डिजिटल भू-नक्शों की त्रुटियों से बढ़ रहे भूमि विवाद

बैठक में डिजिटल भू-नक्शों और वास्तविक सीमांकन के बीच अंतर के कारण उत्पन्न हो रहे भूमि विवादों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। क्रेडाई ने बताया कि इन त्रुटियों के कारण सीमांकन, नामांतरण, लेआउट स्वीकृति, बैंक फाइनेंस और अन्य परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब हो रहा है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए डिजिटल सीमांकन व्यवस्था में सुधार और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

CREDAI Bhopal Development : भोपाल के विकास पर होगा संयुक्त सेमिनार

कलेक्टर ने सुझाव दिया कि राजधानी के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सभी संबंधित विभागों, विशेषज्ञों, उद्योग संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और सामाजिक प्रतिनिधियों की भागीदारी से एक संयुक्त सेमिनार आयोजित किया जाए। इस सेमिनार में नगर निगम, स्मार्ट सिटी, नगरीय विकास विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, वन विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य एजेंसियां शामिल होंगी। सेमिनार में भोपाल के भविष्य के विकास, सुधार और समाधान से जुड़े विषयों पर डेटा आधारित चर्चा की जाएगी। कलेक्टर ने क्रेडाई को प्रशासन के साथ मिलकर विषय-बिंदु तैयार करने और कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

CREDAI Bhopal Development : एयरपोर्ट पर राजा भोज की प्रतिमा स्थापित करने पर चर्चा

बैठक के दौरान एयरपोर्ट के सामने राजा भोज की विद्वता, व्यक्तित्व और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाली प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर मनोज मीक ने कलेक्टर को राजा भोज रचित ग्रंथ ‘समरांगण सूत्रधार’ भेंट किया। उन्होंने ग्रंथ में वर्णित नगर नियोजन, जल प्रबंधन और राजधानी निर्माण से जुड़े विचारों की जानकारी भी दी। प्रतिनिधिमंडल ने राजा भोज की एक विशेष प्रतिमा भी भेंट की।

CREDAI Bhopal Development : क्रेडाई कार्यालय के लिए भूमि आवंटन पर भी हुई चर्चा

बैठक में क्रेडाई कार्यालय के लिए भूमि आवंटन के लंबित प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। यह प्रस्ताव वर्ष 2024-25 में नगरीय विकास विभाग के उच्च स्तर से आगे बढ़ाया गया था और वर्तमान में कलेक्टर कार्यालय में प्रक्रियाधीन है। कलेक्टर ने इस मामले की समीक्षा एडीएम सुमित पांडे के माध्यम से कराने का आश्वासन दिया। इसके अलावा क्रेडाई द्वारा वृक्षारोपण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के विषय पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

CREDAI Bhopal Development : राजधानी के लिए समग्र विकास एजेंडा जरूरी

क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक ने कहा कि भोपाल के विकास को अब अलग-अलग विभागीय मुद्दों के रूप में नहीं देखा जा सकता। मास्टर प्लान, मेट्रोपॉलिटन रीजन, वैध कॉलोनाइजेशन, डिजिटल भू-नक्शा, राजधानी की पहचान, राजा भोज की विरासत और नागरिक सुविधाओं को एक समग्र विकास एजेंडा के रूप में जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि क्रेडाई प्रस्तावित सेमिनार के लिए डेटा आधारित विमर्श की विस्तृत रूपरेखा तैयार करेगा, जिससे राजधानी के भविष्य के विकास की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।

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