BY
Yoganand Shrivastava
Bihar Biometric Attendance System बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और समयबद्ध बनाने के लिए एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम से हाजिरी (Biometric Attendance) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था किसी एक खास दफ्तर के लिए नहीं, बल्कि पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों पर समान रूप से लागू होगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि समय पर दफ्तर न आने वाले कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जाएगी।
Bihar Biometric Attendance System ‘बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम’ (BBAS) से दर्ज होगी उपस्थिति
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अब सभी कर्मियों की अटेंडेंस ‘बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम’ (BBAS) के जरिए ही ली जाएगी। विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर द्वारा जारी इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी को खत्म करना, जवाबदेही तय करना और कार्यसंस्कृति में पारदर्शिता लाना है। डिजिटल रिकॉर्ड होने की वजह से अब अटेंडेंस में किसी भी तरह के मानवीय हस्तक्षेप या हेरफेर (मैन्युअल छेड़छाड़) की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
Bihar Biometric Attendance System लगातार मिल रही थीं शिकायतें, अब सैलरी का भुगतान भी डिजिटल रिकॉर्ड पर
Bihar Biometric Attendance System दरअसल, राज्य सरकार को लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी कर्मचारी तय समय पर दफ्तर नहीं आते और शाम को समय से पहले ही ऑफिस छोड़ देते हैं। इस मनमानी पर लगाम लगाने के लिए ही इस तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को सख्ती से लागू किया गया है। नए नियमों के तहत:
- निर्धारित समय से लेट आने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- देर से आने की स्थिति में कर्मचारी की छुट्टियों (Leave Adjustment) को काटा जाएगा या फिर सीधे वेतन कटौती (Salary Deductions) का सामना करना पड़ेगा।
- कर्मचारियों के मासिक वेतन का भुगतान भी अब बायोमेट्रिक उपस्थिति के डिजिटल रिकॉर्ड को आधार मानकर ही किया जाएगा।
Bihar Biometric Attendance System कार्यालय प्रमुखों (HODs) की तय हुई जिम्मेदारी, हर महीने निकलेगा प्रिंटआउट
सरकार ने इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्यालय प्रमुखों की जवाबदेही भी तय कर दी है। हर महीने के अंत में ऑफिस के हेड को सभी कर्मचारियों की उपस्थिति का एक विस्तृत प्रिंटआउट निकालना होगा। इस रिपोर्ट की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि अगर कोई कर्मचारी लगातार लापरवाही बरत रहा है, तो समय रहते उसकी पहचान कर कार्रवाई की जा सके। इससे फर्जी उपस्थिति (Proxy Attendance) लगाने के खेल पर भी पूरी तरह रोक लगेगी।
Bihar Biometric Attendance System खराब मशीनें तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश, तैनात होंगे नोडल अधिकारी
इस व्यवस्था को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाने के लिए जिन कार्यालयों में पहले से लगी बायोमेट्रिक मशीनें खराब पड़ी हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराने के आदेश दिए गए हैं। जिन दफ्तरों में अभी तक यह सिस्टम इंस्टॉल नहीं हुआ है, वहां युद्धस्तर पर नई मशीनें लगाने को कहा गया है। सुचारू संचालन के लिए जिला स्तर पर विशेष नोडल अधिकारियों (Nodal Officers) की नियुक्ति की जाएगी। सभी जिलाधिकारियों (DMs) को निर्देश दिया गया है कि वे खुद इस पूरी प्रणाली की कड़ाई से मॉनिटरिंग करें और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त न करें।





